माही बांध बनेगा विश्वस्तरीय पर्यटन हब, विकास योजना को मिली रफ्तार

pnpandey

बांसवाड़ा, 2 जुलाई। वागड़ अंचल की पहचान माही बजाज सागर बांध क्षेत्र को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं। गुरुवार को “माही बांध क्षेत्र विकास योजना” के संबंध में गठित जिला स्तरीय समिति की द्वितीय बैठक संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमाणी की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा कर आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

बैठक में जिला कलेक्टर इन्द्रजीत यादव, डूंगरपुर एवं प्रतापगढ़ के जिला कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इसके अलावा मुख्य अभियंता देवी सिंह बेनीवाल, अधीक्षण अभियंता आर.सी. मीणा, अधिशासी अभियंता अनिल कलासुआ, सहायक अभियंता प्रिंसराज सिंह सिसोदिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में पर्यटन विकास के लिए संभावित स्थलों के चयन, जीआईएस आधारित भूमि सर्वे, आधारभूत पर्यटन सुविधाओं के विकास तथा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। योजना के अंतर्गत ट्राइबल होम-स्टे, ईको-टूरिज्म, वाटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर टूरिज्म, “माही महोत्सव” तथा 24 से 72 घंटे के पर्यटन सर्किट विकसित करने के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।

संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमाणी ने कहा कि माही बांध क्षेत्र में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा वागड़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान प्राप्त होगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में आरडब्ल्यूजीसीएल के मुख्य अभियंता राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि माही बांध की एफटीएल (फुल टैंक लेवल) से एक किलोमीटर की परिधि में पर्यटन विकास की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके लिए परिधि क्षेत्र के गांवों का विस्तृत सर्वे कर भूमि चिन्हित कर प्रमाणीकरण हेतु राजस्व विभाग को प्रस्ताव भेजे गए हैं।

वहीं मुख्य वन संरक्षक अभिषेक शर्मा ने जानकारी दी कि बागधरा मॉडल की तर्ज पर पर्यटन विकसित करने के लिए चाचाकोटा एवं आनंद सागर वन क्षेत्र को पर्यटन स्थलों के रूप में चिन्हित किया गया है। उपवन संरक्षक उदयपुर के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके अलावा जगमेरू हिल्स पर पर्यटन विकास के लिए “श्रीराम वाटिका” का प्रस्ताव भी उच्च कार्यालय को भेजा गया है।

यदि योजना निर्धारित समय पर धरातल पर उतरती है तो आने वाले वर्षों में माही बांध क्षेत्र न केवल वागड़ बल्कि पूरे राजस्थान के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

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