झूठी अफवाह फैलाने की साजिश नाकाम: ज़ील हॉस्पिटल के खिलाफ अफवाह फैलाने वाले ने मांगी माफी
कोर्ट में पेशी के बाद पाबंद, हॉस्पिटल ने भेजा 5.25 करोड़ का मानहानि नोटिस
सागवाड़ा। ज़ील मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल को बदनाम करने की साजिश करने वाले व्यक्ति की पोल खुल गई है। झूठे वीडियो और भ्रामक आरोपों के जरिए हॉस्पिटल की छवि खराब करने का प्रयास करने वाले जेठाणा निवासी मणीलाल पुत्र भुरजी सुथार को एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे पाबंद किया गया। साथ ही, ज़ील हॉस्पिटल प्रबंधन ने उसके खिलाफ मुंबई कोर्ट में 5 करोड़ 25 लाख रुपये की मानहानि का दावा दायर किया है।
झूठी अफवाह का पर्दाफाश
मणीलाल सुथार ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक भ्रामक और मनगढ़ंत वीडियो वायरल किया था, जिसमें उन्होंने ज़ील हॉस्पिटल पर झूठे आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया कि हॉस्पिटल ने उनसे इलाज के नाम पर 1,80,000 रुपये वसूले, जबकि हॉस्पिटल के मेडिकल रिकॉर्ड के अनुसार, उनका इलाज केवल 41,915 रुपये में पूरा हुआ था, जिसमें सभी मेडिकल खर्च शामिल थे।
इतना ही नहीं, उन्होंने वीडियो में यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सही इलाज नहीं मिला, जबकि वास्तविकता यह है कि 25 सितंबर को उनकी स्वयं की मांग पर उन्हें अहमदाबाद रेफर किया गया था।
कोर्ट में पेशी के बाद लिखित में मांगी माफी
हॉस्पिटल प्रबंधन को जब इस भ्रामक वीडियो की जानकारी मिली, तो सीओओ डॉ. अमोल हेडावू ने सागवाड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में पुष्टि हुई कि वीडियो में लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे और मनगढ़ंत थे।
इसके बाद पुलिस ने मणीलाल को एसडीएम कोर्ट में पेश किया, जहां उन्हें पाबंद किया गया। कानूनी कार्रवाई के बाद, मणीलाल ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित में माफी मांगी।
5.25 करोड़ का मानहानि नोटिस
ज़ील हॉस्पिटल के संस्थापक भूपेंद्र एस. भट्ट ने बताया कि हॉस्पिटल की छवि खराब करने और झूठी जानकारी फैलाने के प्रयास के चलते मुंबई कोर्ट में 5 करोड़ 25 लाख रुपये की मानहानि का दावा दायर किया गया है।
उन्होंने कहा, “ज़ील हॉस्पिटल वर्षों से उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए समर्पित है। झूठी अफवाहें फैलाना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि यह मरीजों के विश्वास को भी ठेस पहुंचाता है। हम इस तरह के झूठे प्रचार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे।”
भविष्य में झूठी अफवाहों पर होगी कड़ी कार्रवाई
ओएसडी गर्वित भारती ने बताया कि हॉस्पिटल में इलाज करा चुके मरीजों और आमजन, जिन्होंने कभी न कभी हॉस्पिटल की सेवाएं ली हैं, वे हॉस्पिटल की सुविधाओं की सराहना करते हुए वीडियो साझा कर रहे हैं और भ्रामक अफवाहों की कड़ी निंदा कर रहे हैं।
हॉस्पिटल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में अगर कोई भी व्यक्ति झूठी जानकारी फैलाने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

