उन्होंने कहा कि उत्तरी सीमावर्ती इलाकों में स्थिति सामान्य रही है. LAC पर मजबूत डिफेंस बरकरार रखते हुए हम किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं. जवानों को सभी प्रकार के हथियार, उपकरण और सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में दी जा रही है. मनोज पांडे ने कहा कि अग्निपथ योजना के आने से एक एतिहासिक और प्रगतिशील कदम उठाया है.हमने भर्ती प्रक्रिया को शुरू किया है. पुरुष अग्निवीर के पहले बैच की ट्रैनिंग शुरू हो चुकी है.अग्निवीरों को आगे चयन करने के लिए मजबूत प्रक्रिया विकसित की गई है.
सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति में निश्चित तौर सुधार हुआ है. भारतीय सेना ने हिंसा के स्तर को नीचे लाने और विद्रोहियों को हिंसा का रास्ता छोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. अधिकांश विद्रोही समूहों ने सरकार के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. कठिन क्षेत्र और खराब मौसम के बावजूद हमारे बहादुर जवान सीमा पर तैनात हैं. उन्हें सभी प्रकार के हथियार, उपकरण और सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में दी जा रही हैं.
उन्होंने कहा कि पिछले साल सेना ने सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का दृढ़ता से सामना किया और सीमाओं की सक्रिय और मजबूती से सुरक्षा सुनिश्चित की. सेना ने क्षमता विकास, बल पुनर्गठन और प्रशिक्षण में सुधार के लिए कदम उठाए. इसने भविष्य के युद्धों के लिए अपनी तैयारियों को और मजबूत किया. आर्मी डे परेड में शामिल हुए मनोड पांडे ने कहा कि पहली बार आर्मी डे परेड और इससे जुड़े अन्य कार्यक्रम राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बाहर आयोजित किए जा रहे हैं. इससे सेना को लोगों से जुड़ने का सुनहरा अवसर मिला है.

