अहमदाबाद/दिल्ली। देशभर में लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को आईटीओ स्थित हाथी घाट पर पारंपरिक विधि-विधान से छठ पूजा का अनुष्ठान किया, वहीं गुजरात की धरती पर भी इस वर्ष छठ महापर्व की छटा कुछ अलग ही दिखाई दी।
अहमदाबाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार शाम साबरमती नदी के तट पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भाग लेकर सूर्य देवता को अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान हजारों श्रद्धालु महिलाएं और परिवारजन घाटों पर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक रीति-रिवाजों से छठी मइया की पूजा की और उपस्थित श्रद्धालुओं को पर्व की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि, “छठ पूजा भारतीय संस्कृति की अद्भुत झलक है, जो प्रकृति, जल और सूर्य के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। गुजरात की धरती पर इतने बड़े पैमाने पर इसका आयोजन हमारे राज्य की सांस्कृतिक एकता का प्रमाण है।”
अवसर पर साबरमती रिवरफ्रंट को विशेष रूप से सजाया गया था। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और स्वच्छता के व्यापक इंतज़ाम किए गए। घाटों पर सैकड़ों स्वयंसेवक, पुलिसकर्मी और नगरपालिका कर्मचारी तैनात रहे। वहीं, स्थानीय कलाकारों ने लोकगीत, भक्ति संगीत और छठ के पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
इस भव्य आयोजन का संचालन गुजरात सरकार, पूर्वांचल समाज और कई सांस्कृतिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के कई मंत्री, विधायक, नगर निगम अधिकारी एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने छठ व्रतियों से बातचीत की और पूजा सामग्री के लिए बनाए गए विशेष स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग की आस्था और परंपरा के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन ने रिवरफ्रंट पर अतिरिक्त सुरक्षा बल और ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की थी ताकि किसी भी प्रकार की भीड़-भाड़ की स्थिति पर तुरंत नियंत्रण रखा जा सके।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस वर्ष का आयोजन पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक भव्य रहा। अहमदाबाद के अलावा सूरत, वडोदरा और राजकोट में भी छठ पूजा के कार्यक्रम बड़े स्तर पर आयोजित हुए, जिनमें हजारों की संख्या में बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए प्रवासी परिवारों ने भाग लिया।
पूरे गुजरात में छठ महापर्व के दौरान बाजारों में पूजा सामग्री — बाँस की टोकरी, फल, ईख, नारियल, ठेकुआ और दीपक — की जबरदस्त बिक्री रही। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सजी-धजी घाटों पर डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने पहुंचीं। साबरमती का तट इस दौरान श्रद्धा, आस्था और दिव्यता से ओतप्रोत दिखाई दिया।
— खबरें खटाखट, अहमदाबाद/दिल्ली
साबरमती तट पर उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने की सूर्य उपासना में सहभागिता
Leave a Comment
Leave a Comment

