आयोजित किया गया। सम्मान समारोह में भामाशाह किन्नर मनीषा बाई, नैना बाई, बबली बाई और मस्तानी बाई को शोल,मोमेंटो और माला पहनाकर सम्मानित स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉ वैष्णवी देवी ने की।विशिष्ट अतिथि पूर्व सरपंच राम रतन खारोल रहे। किन्नर नैना बाई ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चे हमारे हैं तथा भगवान का रूप होता है। बच्चों की कमाई माता-पिता बड़े होने पर खाते हैं। जबकि हम लोग पैदा होते ही नवजात शिशु की बधाई के रूप में प्राप्त कर लेते हैं। इसलिए यह बच्चे किसी के नहीं है सिर्फ हमारे हैं। इनकी हर समस्या का समाधान करना हमारा फर्ज है।समाज से बधाई के रूप में धन अर्जित करते हैं तो समाज के ही काम में अर्पित कर देते हैं।प्रधानाचार्य सहित विद्यालय के समस्त अध्यापकों द्वारा भामाशाहो आभार व्यक्त किया।इस दौरान विद्यालय के गोपाल लाल मीणा,घनश्याम मीणा,नंद लाल
करार,अल्पना शर्मा,माया गौतम,वंदना यादव,संजू अग्रवाल,अशोक मेहरा,असद खान,भूपेंद्र चौधरी,किरण बंसल,अनीता कुमारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यासागर वर्मा के द्वारा किया गया।

