निर्णायकों के अंकों को दरकिनार कर घोषित कर दिया गया विजेता, उठे गंभीर सवाल

pnpandey

बांसवाड़ा।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का समापन विवादों के साए में हुआ। कार्यक्रम के दौरान घोषित परिणाम ने न केवल दर्शकों को चौंकाया, बल्कि निर्णायक मंडल को भी असहज स्थिति में ला खड़ा किया। जिस विद्यालय को प्रथम स्थान प्रदान किया गया, वह दर्शकों की राय में तो तीसरे स्थान के योग्य भी नहीं था।
कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका निभा रहे बांसवाड़ा के कई प्रतिष्ठित नागरिकों ने प्रस्तुतियों का मूल्यांकन तय मानकों के आधार पर किया था। सूत्रों के अनुसार, निर्णायकों द्वारा तैयार की गई फेयर लिस्ट में चंद्रपोल स्कूल को प्रथम स्थान के लिए कोई अंक नहीं दिए गए थे। इसके बावजूद मंच से जब परिणाम की घोषणा हुई तो उक्त विद्यालय को प्रथम स्थान का विजेता घोषित कर दिया गया।
परिणाम घोषित होते ही निर्णायक मंडल में असंतोष की स्थिति बन गई। कई निर्णायक स्वयं इस निर्णय पर हैरान नजर आए और इसे उनकी मूल्यांकन प्रक्रिया के विपरीत बताया। निर्णायकों का कहना था कि घोषित परिणाम उनके द्वारा दिए गए अंकों से मेल नहीं खाता, जिससे पूरे आयोजन की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया।
दर्शकों और अभिभावकों ने भी इस निर्णय को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि अन्य विद्यालयों की प्रस्तुतियां अधिक सशक्त और प्रभावी थीं, लेकिन उन्हें उचित स्थान नहीं मिला। इससे प्रतिभागी छात्रों के साथ अन्याय होने की बात कही जा रही है।
घटना के बाद आयोजन समिति की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों की मांग है कि घोषित परिणाम की पुनः जांच की जाए और भविष्य में ऐसे आयोजनों में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए, ताकि प्रतिभा का सही मूल्यांकन हो सके और किसी भी प्रकार का संदेह न रहे

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