सीकर (लोसल)।
भाजपा शासनकाल में सीकर जिले के धोद विधानसभा क्षेत्र के लोसल कस्बे में दो सरकारी विभाग आमने-सामने आ गए हैं। विद्युत निगम कार्यालय के मुख्य गेट के सामने सड़ा-गला कचरा और मृत पशु डालने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लोसल स्थित विद्युत विभाग के सहायक अभियंता कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने करीब तीन ट्रॉली कचरा एवं मृत पशु डाल दिए गए। विद्युत विभाग ने इस कृत्य को नगर पालिका द्वारा बदले की भावना से किया गया बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। विभाग का कहना है कि नगर पालिका पर स्ट्रीट लाइटों के करीब एक करोड़ रुपये बकाया चल रहे हैं। बकाया राशि जमा कराने को लेकर बार-बार नोटिस दिए गए, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। इसके चलते विद्युत विभाग को स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन काटने पड़े।
कनेक्शन काटे जाने के बाद नगर पालिका की ओर से प्रतिशोधात्मक कार्रवाई करते हुए विद्युत निगम कार्यालय के मुख्य गेट के सामने कचरा और मृत पशु डाले जाने का आरोप विभाग ने लगाया है। मुख्य गेट पर कचरे का ढेर लगने से विद्युत उपभोक्ताओं के साथ-साथ विभागीय कर्मचारियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मामले को लेकर विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में खासा आक्रोश है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे प्रकरण को लेकर नगर पालिका के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
वहीं दूसरी ओर नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी ममता चौधरी ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कचरा और मृत पशु डालने की जानकारी उन्हें नहीं थी। सूचना मिलने पर उन्होंने तुरंत कर्मचारियों को मौके पर भेजकर मृत पशु उठवाया, लेकिन आरोप है कि निगम कर्मियों ने कचरा उठाने से पालिका कर्मचारियों को मना कर दिया।
इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि यदि नगर पालिका ने डंपिंग यार्ड से कचरा और मृत पशु नहीं डाले, तो फिर यह कचरा आखिर किसने और किस उद्देश्य से विद्युत निगम कार्यालय के सामने डाला। मामले ने तूल पकड़ लिया है और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
लोसल में दो सरकारी विभाग आमने-सामने, विद्युत निगम कार्यालय के सामने कचरा व मृत पशु डालने से मचा विवाद
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