कन्नौज में सरकारी योजना को किस कदर अधिकारी कर्मचारी पलीता लगा रहे हैं इसका अंदाजा जलालाबाद के सामूहिक स्वास्थ्य केंद्र की दशा देखकर लगाया जा सकता है या महीने में दो बार नसबंदी कैंप लगाया जाता है जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आशा बहुओं क्षेत्र के महिलाओं को नसबंदी कराने के लिए पहुंचती है लंबे इंतजार के बाद 2:00 बजे डॉक्टर आते हैं लेकिन अन्य स्टाफ नदारद हो जाता है जिसके कारण नसबंदी नहीं हो सकती है और महिलाओं को यूसी लोटा पड़ता है जनसंख्या पर अंकुश लगाने के लिए महिला या पुरुष की नसबंदी के लिए शासन स्तर पर योजना चलाई जा रही हैं नसबंदी के लिए महिलाओं को प्रेरित करने के लिए आशा बहुओं को प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है लेकिन सरकार की इस योजना को क्रियान्वित करने के लिए सफल कि रावण के को लेकर के जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी गंभीर नहीं है दरअसल कन्नौज के जलालाबाद में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महीने में दो बार नसबंदी कैंप लगाया जाता है जिसमें अपने अपने क्षेत्र की महिलाओं को प्रेस करके आशा बहुएं नसबंदी को लेकर के बुला करके लाती हैं वही सोमवार को भी जलालाबाद में सीएससी आशा बहुएं और शनि क्षेत्र की महिलाओं को लेकर के नसबंदी पहुंची लेकिन अस्पताल में डॉक्टर मिले और ना ही स्टाफ मौजूद था कई घंटो बीतने के बाद महिला की नसबंदी कराने पहुंची महिलाएं कई घंटे बाद पहुंचे अस्पताल में और ना ही महिला स्टाफ के इंतजार इंतजार करती रह गई उसके बाद उनका माहेश्वरी रोकना पड़ा डॉक्टर सिंह बोले के जलालाबाद सीएससी में नरसिंह कैंप के लिए डॉक्टर सिंह को पहुंचना था लेकिन 2:00 बजे तक पहुंचे ऐसे में उन्होंने बात की तो उनका कहना था कि वह जलालाबाद की एसी में पहुंचे थे लेकिन नसबंदी की तैयारियां नहीं मिली जिसके कारण वह दूसरे स्वास्थ्य केंद्र गूगल रामपुर स्वास्थ्य केंद्र में चले गए जहां उन्होंने महिलाओं का नसबंदी किया

