गंगापुरसिटी को जिला बनाए रखने की मांग पर भारतीय किसान यूनियन का विरोध प्रदर्शन

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गंगापुरसिटी को जिला बनाए रखने की मांग पर भारतीय किसान यूनियन का विरोध प्रदर्शन
गंगापुरसिटी। 1 जनवरी 2025
गंगापुरसिटी को जिला बनाए जाने का दर्जा छीनने से नाराज भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए गंगापुरसिटी को जिला बनाए रखने की पुरजोर मांग की और सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की।
प्रदर्शन का नेतृत्व:
प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश संगठन मंत्री राजेश आदिवासी, कमलेश नीमरोठ, महेश मीना, राजाराम, पूर्व प्रधान बहादुर सिंह, राजबहादुर एडवोकेट कैमला और पप्पु बडागांव ने किया। इन नेताओं के साथ सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और सरकार के इस निर्णय का विरोध किया।
गंगापुरसिटी की ऐतिहासिक और प्रशासनिक महत्ता
प्रदर्शनकारियों ने अपने ज्ञापन में बताया कि गंगापुरसिटी का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व बहुत अधिक है।
1. ऐतिहासिक दृष्टि से:
गंगापुरसिटी ब्रिटिश शासनकाल में भी एक महत्वपूर्ण स्थान रखता था।
यह दिल्ली-मुंबई मुख्य रेलवे लाइन पर 1905 से प्रमुख स्थान पर स्थित है।
शहर का ऐतिहासिक महत्व इसे एक प्रमुख प्रशासनिक केंद्र बनाता है।
2. सांस्कृतिक और प्रशासनिक केंद्र:
गंगापुरसिटी का इतिहास और संस्कृति राजस्थान में अद्वितीय हैं।
यह करौली और टोडाभीम जैसे क्षेत्रों के लिए एक प्रमुख प्रशासनिक केंद्र के रूप में कार्य कर सकता है।
3. आर्थिक और औद्योगिक योगदान:
राइजिंग राजस्थान कार्यक्रम के तहत गंगापुरसिटी में 945 करोड़ के कुल 106 एम.ओ.यू. पास किए गए थे।
इन प्रस्तावों के तहत बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने थे, जो जिले का दर्जा छिनने के बाद प्रभावित हो गए हैं।
जिले का दर्जा वापस लेना – जनभावनाओं का अपमान
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि 7 जुलाई 2023 को गंगापुरसिटी को जिला बनाने की घोषणा की गई थी, जिससे स्थानीय जनता में खुशी का माहौल था। लेकिन जब वर्तमान सरकार ने गंगापुरसिटी का जिला दर्जा छीन लिया, तो यह क्षेत्र के लोगों के लिए निराशाजनक घटना बन गई।
उन्होंने कहा कि गंगापुरसिटी सभी मापदंडों को पूरा करता है और इसे जिला बनाए रखना तर्कसंगत है।
यह निर्णय न केवल गलत है, बल्कि सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाने का विषय भी बनता है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
1. जिला का दर्जा बहाल करना:
गंगापुरसिटी को जिला बनाए रखने की मांग को प्रदर्शनकारियों ने अपनी पहली प्राथमिकता बताया।
2. जनभावनाओं का सम्मान:
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार को जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह निर्णय तुरंत वापस लेना चाहिए।
3. विकास योजनाओं पर ध्यान:
मांड क्षेत्र और अन्य आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार को वैकल्पिक योजनाएं बनानी चाहिए।
ज्ञापन सौंपा गया
प्रदर्शन के अंत में भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने तहसीलदार धनीराम कुमावत को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने गंगापुरसिटी को जिला बनाए रखने और क्षेत्र के विकास के लिए त्वरित कार्रवाई की मांग की।
निष्कर्ष और अपील
भारतीय किसान यूनियन ने स्थानीय जनता और अन्य संगठनों से अपील की है कि वे इस मांग के समर्थन में आगे आएं। उन्होंने कहा कि गंगापुरसिटी को जिला बनाए रखना केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता की भावनाओं और विकास से जुड़ा मुद्दा है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस मामले पर पुनर्विचार करने और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सही निर्णय लेने की अपील की।
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