पीएमएसएमए के तहत जिले के 84 चिकित्सा संस्थानों में 2797 गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच
विशेष परामर्श, सोनोग्राफी, ब्लड जांच, पोषण व सुरक्षित प्रसव पर दी गई जानकार
बांसवाड़ा।
जिलेभर में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत गर्भवती महिलाओं को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को व्यापक स्तर पर विशेष चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया गया। जिले के कुल 84 चिकित्सा संस्थानों में आयोजित इन शिविरों में 2797 गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच एवं परामर्श किया गया। सुबह से ही चिकित्सा संस्थानों पर गर्भवती महिलाओं की कतारें दिखाई दीं और पूरे दिन स्वास्थ्य कर्मियों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमों ने व्यवस्थित रूप से सेवाएं प्रदान कीं।
जांच के साथ परामर्श व दवाइयों का भी वितरण
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. खुशपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं का ब्लड प्रेशर परीक्षण, हीमोग्लोबिन जांच, फीटल मॉनिटरिंग, अल्ट्रासाउंड, रक्त समूह जांच सहित अन्य आवश्यक परीक्षण किए गए। इसके साथ ही उन्हें आवश्यक दवाइयाँ, पोषण संबंधी सलाह तथा सुरक्षित प्रसव के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी निःशुल्क उपलब्ध कराए गए।
कई चिकित्सा संस्थानों में गर्भावस्था के दौरान सावधानियां, टीकाकरण, संतुलित आहार, एनीमिया से बचाव तथा प्रसव के समय होने वाली जटिलताओं से बचने के उपायों पर जागरूकता सत्र भी आयोजित किए गए।
उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की हुई विशेष पहचान
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी (आरसीएचओ) डॉ. दिनेश कुमार भाबोर ने बताया कि इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य गर्भावस्था के दौर में किसी भी तरह की जटिलता को समय रहते पहचानना और सुरक्षित मातृत्व को सुनिश्चित करना है। शिविरों में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर भी किया गया।
डॉ. भाबोर ने अभियान के दौरान बदरेल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा चिकित्सा स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं जिला स्तर से सभी चिकित्सा संस्थानों की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी गई और जरूरत पड़ने पर तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया गया।
हर माह तीन बार मिलेगा लाभ
जिला परियोजना अधिकारी (डीपीओ) ललित सिंह झाला ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत आगे भी प्रत्येक माह की 9, 18 और 27 तारीख को इसी प्रकार विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि जिले की अधिक से अधिक गर्भवती महिलाएं इसका लाभ उठा सकें और मातृ-मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके।
महिलाओं में बढ़ी जागरूकता, अभियान रहा सफल
अभियान के प्रति महिलाओं में बढ़ती जागरूकता और स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय भागीदारी के चलते यह कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं ने शिविरों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।
पीएमएसएमए के तहत जिले के 84 चिकित्सा संस्थानों में 2797 गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच
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