एसीबी की टीम ने असिस्टेंट फायर ऑफिसर और उसके ड्राइवर को 90 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. आरोपी एएफओ छोटूलाल परिवादी से फायर एनओसी जारी करने के एवज में 1 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था. परिवादी की शिकायत पर एसीबी ने आरोपी ऑफिसर और उसके ड्राइवर को रिश्वत की राशि के साथ गिरफ्तार किया है.
जयपुर. जयपुर एसीबी की टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. 90 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए असिस्टेंट फायर ऑफिसर और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार किया है. आरोपी ऑफिसर ने परिवादी से फायर एनओसी जारी करने के एवज में रिश्वत राशि मांगी थी. जिसके बाद एसीबी ने असिस्टेंट फायर ऑफिसर छोटूराम और उसके ड्राइवर फतेह सिंह को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल आरोपी छोटूराम के ठिकानों पर एसीबी सर्च कर रही है.
एसीबी के डीजी बीएल सोनी और एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में कार्रवाई को अंजाम दिया गया. एसीबी के डीवाईएसपी चित्रगुप्त महावर ने बताया कि परिवादी फायर सिस्टम लगाने का काम करता है. उसने एक हॉस्पिटल में फायर सिस्टम लगाया था. उसी की एनओजी के लिए परिवादी ने ऑनलाइन आवेदन किया था. एनओसी जारी करने के एवज में एएफओ 1 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था. जिसकी शिकायत परिवादी ने एसीबीजयपुर एसीबी की कार्रवाई
शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी ने 10 हजार रुपये रिश्वत ली. उसके बाद बाकि के 90 हजार रुपये उसने परिवाद को विद्याधर नगर फायर स्टेशन पर लाने को कहा. जब परिवादी रिश्वत के 90 हजार रुपये लेकर पहुंचा तो एएफओ छोटूराम ने रिश्वत के पैसे अपने ड्राइवर फतेह सिंह को दिलवाये. जिसके बाद एसीबी ने दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों से एसीबी पूछताछ कर रही है.
एसीबी महानिदेशक बीएल सोनी ने प्रदेश वासियों से अपील की है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 और व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9413502834 पर 24 घंटे संपर्क कर भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत करके इस अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें. उन्होंने कहा कि एसीबी परिवादी की मदद करने की पूरी कोशिशि करेगी


