इसलिए बंद किया 2000 रूपये का नोट
नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच प्रारंभ से ही ये थी कि 2000 के नोट विशेष हालात में टेंपरेरी व्यवस्था थी. गरीबों के लिए विशेष रूप से 2000 का नोट लेन-देन के लिए व्यावहारिक नहीं. ज्यादा लंबे समय तक 2000 रूपये के नोट को सर्कुलेशन में रखने से ब्लैक मनी बढने के साथ ही टैक्स चोरी को प्रलोभन मिलता है. इसी कारण 2000 रूपये का नोट सर्कुलेशन से बाहर करने का निर्णय जनहित में लिया गया है.
BJP ने दिया ये जवाब
हालांकि, कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने सरकार के इस कदम की आलोचना की है. वहीं भाजपा ने अब जवाब दिया है. भाजपा नेता सुशील मोदी कह रहे हैं कि RBI का फैसला कालेधन पर सर्जिकल स्ट्राइक है. बीजेपी आरोप लगा रही है कि जिनके पास 2000 के नोटों का जखीरा है वही लोग शोर कर रहे हैं. RBI ऐसे फैसले पहले भी लेती रही है और विपक्ष जानबूझकर इसे मुद्दा बना रहा है क्योंकि उनके पास कोई मुद्दा नहीं है.

