खूब चले ढाल तलवार व धनुष…बाय का ऐतिहासिक दशहरा मेला हुआ संपन्न…

pnpandey
खूब चले ढाल तलवार व धनुष…
बाय का ऐतिहासिक दशहरा मेला हुआ संपन्न…
 
रावण को जलाया नहीं जाता सजीव चित्रण करके वध किया 
सांप्रदायिक एकता का प्रतीक है बाय का दशहरा मेला
बाय/सीकर/विजेंद्र सिंह दायमा। पश्चिमी राजस्थान का सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक बाय का दशहरा मेला संपन्न हुआ। बाय का दशहरा मेला दक्षिण भारतीय शैली में मनाया जाता है। राम और रावण के बीच संजीव चित्रण कर युद्ध हुआ। बाय कस्बे के आराध्य देव भगवान श्री लक्ष्मी नाथ की दोपहर भोग आरती के बाद बाय प्रवासी मदनलाल खूंटेटा ने फीता काटकर व दीप प्रज्वलित करके मेले का शुभारंभ किया। लक्ष्मीनाथ चौक में दशरथ कैकई संवाद , राम बनवास, सूर्पनखा संवाद ,सीता हरण होने के बाद राम और रावण अपनी अपनी सेनाओ के साथ दशहरा मैदान पहुंचे। जहां दोनों सेनाओं के बीच  घमासान युद्ध हुआ। युद्ध में भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर लंका पर विजय प्राप्त की। सत्य की असत्य पर जीत की खुशी में कस्बेवासी राम की सेना के साथ दशहरा मैदान से नाचते कूदते मुख्य बाजार होते हुए श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर तक विजय जुलूस निकाला। जहां पर भगवान श्रीराम व उनकी सेना का महाआरती की गई। रात्रि को राजस्थानी कॉमिक, रामदेव बाबा की झांकी,रींगस के भेरुजी की झांकी,काली माता,सरस्वती माता, जीण माता, गरुड़ भगवान की झांकी, सिंह वाहनी दुर्गा माता की झांकी सहित देवी देवताओं की झांकियां निकाली। दूसरे दिन सुबह नरसिंह अवतार, बारह अवतार व सूर्य देव की महाआरती के साथ मेला संपन्न हुआ। मेले में सीताराम मंडल द्वारा भंडारे का आयोजन भी किया गया। गौरतलब है कि बाय का दशहरा मेला दक्षिण भारतीय शैली में मनाया जाता है। दशहरा मेला के साथ-साथ भाई कस्बे का स्नेह मिलन समारोह के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन बाय कस्बे के प्रवासी बंधु जहां कहीं भी अपना व्यापार, काम धंधा, नोकरी को छोड़ कर दशहरे को परिवार सहित बाय पहुंचते हैं।कस्बे के सभी घरों में बहन बेटियां रिश्तेदारों से घर भर जाते हैं और इस मिलन समारोह में आकर अपने आपको गौरवान्वित महसूस करते हैं और बड़े उत्साह के साथ तन मन धन से सहयोग कर आयोजन को सफल बनाते हैं। दूसरे दिन महिला बाजार भी लगा जहां पर महिलाओं ने जमकर खरीदारी करी। दशहरा मेला समिति के अध्यक्ष प्रहलाद सहाय मिश्रा ने दशहरा मेला व मिलन समारोह सफल आयोजन होने पर सभी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया।
मंच का संचालन मास्टर मातादीन मिश्रा, योगेश शर्मा, मनीष शर्मा ने किया।
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