बासवाडा शहर में बने मॉल, कांपलेक्स ,फ्लैट और मकानों के बेसमेंट में पार्किंग स्थल की जगह एक बार नही कई बार दुकानें खोल दी गई हैं। हैरत की बात यह है कि ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने वाला भी कोई नहीं है। प्रशासन भी अब-तक मौन है। मोन होने के कारण अतिक्रमण को बढावा मिल रहा है बढ़ावा देने वाले कोई आम व्यक्ति नहीं है बलकी रसुखदा लोग कर रहे है और शहरके सभापति वहआयुक्त कि छत्रछाया हो तो कोई क्यों डरे ऐसा ही मामला बांसवाडा शहर के रातितलाई के मुख्य मार्ग पर किया जा रहा है बांसवाडा के कवियों नाम दर्ज है उसी का फायदा उठाते हुए उनकी बहू ने फिजियो थेरेपी का शुभारंभ किया जिसका उद्घाटन सभापति महोदय ने किया मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाने वाले डॉक्टर मुनव्वर हुसैन उद्घाटन समारोह में सम्मिलित थे जिस व्यक्ति का कांपलेक्स है उस व्यक्ति का विवादों से पुराना नाता है उस व्यक्ति को जनता की सुविधाओं की नहीं बल्कि उसको किस प्रकार से पैसे मिले इस जुगाड़ में लगा रहता है इस व्यक्ति ने पूर्व में भी विवादित जमीन के ऊपर प्लॉट बेचने के कार्य किए हैं तथा कांपलेक्स की जमीन पर जहां पार्किंग किए जगह आरक्षित की गई थी नक्शे में उस जगह व्यवसायिक स्थल में तब्दील कर दिया गया है बेसमेंट में पार्किंग स्थल जगह परएक बार फिर से व्यवसायिक स्थल ( दुकानें खोल दी )गई हैं। हैरत की बात यह है इससे पहले भी यहाँ पर क्लिनिक चलता था जो जगत गाडी कि पार्किंग की जगह है वहां पर फिर से फिजीयोथैरेपि सैटर खोला है
रसूखदारों के चलते नही होती कार्रवाई
नगरपरिषद के अफसर भी पार्किंग के लिए आरक्षित बेसमेंट में दुकान खोलने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं। बेसमेंट में व्यवसायिक स्थल दुकानें खुलने के कारण बाांसवाडा ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात नहीं मिल रही है। बताया जाता है कि बेसमेंट में व्यवसायिक स्थल (दुकान )संचालित करने वाले रसूखदारों को नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है। राजनीतिक दबाव में नगरपरिषद अफसर बेसमेंट खाली नहीं करा पा रहे हैं। एक-दो बार कार्यवाही की भी गई है ।
फुटपाथ पर दुकानदारों का अतिक्रमण।
दुकान या मकान के लिए नगर में है गाइडलाइन
बाजार में खुलने वाली दुकान एवं मॉल या अन्य बड़े प्रतिष्ठान का नक्शा बनाकर उसे नगर परिषद से पास कराना आवश्यक है। नक्शा किसी आर्किटेक्ट से ही बनवाया जाना चाहिए। नक्शा लेकर फिर मकान मालिकनगर परिषद को जमा करते हैं जहां यह राशी अलग-अलग हो सकती है(10 रुपये स्कवायर मीटर की दर से राशि )चुकाने के बाद निगम के इंजीनियर इसे जांचते हैं और आपत्ति नहीं हुई तो इसे पास करते हैं। कुछ बदलाव के सुझाव भी सक्षम अधिकारी द्वारा दिए जाते हैं।
प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होने से दुकानदारों का बढ़ गया है मनोबल
प्रतिपक्ष नेता ओम पालीवाल ने कहा की शहर में एक जगह दो प्रकार केेेे नियम नहीं चल सकते हैं राती तलाई के मामले में मेरे संज्ञान मेंं नहीं मैं देखता हूं
नगर परिषद आयुक्त शीघ्रता शीघ्र कार्रवाई की जाएगी
उत्तम हाइट के लिए ही नहीं कर रही नगर परिषद ने इससे पूर्व में भी रसूखदार लोगों को अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए उनको राहत प्रदान की है जिनको नगर परििषद ने उस नोटिस के बावजूद भी उस व्यक्ति ने नाले के ऊपर अपनी व्यवसायिक प्रतिष्ठान को बनाया और नगरपालिका देखती रह गई और उसके खिलाफ आज दिनांक तककिसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है मुख्य मार्ग पर स्थित है यह दुकान जहां से सभापति एवं नगर परिषद आयुक्त दिन में 10 बार निकलते हैं लेकिन उस बिल्डिंग को देख कर अनदेखा कर देते हैं यह हम बता रहे हैं पीएम ज्वेलर्स की जिसने नगर परिषद की जमीन पर नाली पर अपनी बिल्डिंग का निर्माण किया है राजस्व राजस्व निरीक्षक महोदय आप के कानून काा डंडा एवं आप के कानून की बातें केवल गरीब लोगों तक ही सीमित है एवंं छोटे छोटे-मोटे लोगों तक ही आप अपने राजस्व का ध्यान रखते हैं बड़ेे लोगों पहुंचने की तो हिमाकत भी नहीं करते हैं राजस्व निरीक्षक देवेंद्रर पाल सिंह को तो राजस्व का ध्यान खंबे केेे ऊपर लगे फ्लेक्सस को इनको राजस्व ध्यान आता कथा व अतिक्रमण की श्रेणी के अंतर्गत आता है बांसवाड़ा की जनता राजस्व निरीक्षक से पूछे अतिक्रमण हटाने में कितने राज्यय की प्राप्ति हुई यह स्पष्ट रूप से नहीं बता सकते हैं
सब एकही थैली के चट्टे-बट्टे है









