राजस्थान हाईकोर्ट में फिर से वर्चुअल हियरिंग की जा रही है. जिससे हाइकोर्ट परिसर सूनसान पड़ गया है. वहीं वकिलों का कहना है कि ऑनलाइन सुनवाई प्रभावी नहीं है.
जयपुर. कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में एक बार फिर वर्चुअल हियरिंग का दौर आ गया है. बीते साल ऑनलाइन सुनवाई शुरू करने के बाद कोरोना की पहली लहर खत्म होने पर अदालतों को फिजिकल किया गया लेकिन कुछ दिन बाद ही अब फिर से अदालतों को ऑनलाइन मोड पर कर दिया गया है.
चैंबर्स पर लटक रहे ताले…
हाईकोर्ट में ऑनलाइन सुनवाई के चलते पूरा परिसर सूनसान पड़ा है. अधिवक्ता अपने चैंबर्स में ताले लगाकर घर से ही ऑनलाइन रूप से पैरवी कर रहे हैं. वहीं अदालतों में पक्षकारों के आने पर भी पाबंदी है. हालांकि, न्यायाधीश अदालत में आकर वीसी के जरिए सुनवाई कर रहे हैं. अब तक दोनों माध्यमों से हो रही सुनवाई को खत्म कर सिर्फ वीसी के जरिए की वकीलों को पक्ष रखने की अनुमति दी गई है.
सीजे सहित कई न्यायाधीश संक्रमित..
कोरोना संक्रमण ने काफी हद तक न्यायपालिका को भी अपनी जद में लिया है. कोविड की पहली लहर में ही मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और न्यायाधीश सबीना सहित करीब आधा दर्जन से अधिक न्यायाधीश संक्रमित हो गए. वहीं न्यायाधीश सबीना तो वैक्सीनेशन की पहली डोज लेने के बाद हाल ही में वापस संक्रमित हो चुकी हैं.
ऑनलाइन में प्रभावी पैरवी नहीं…
वकीलों का कहना है कि ऑनलाइन सुनवाई में प्रभावी पैरवी नहीं हो पाती है. कई बार तो कोर्ट रूम से जुड़ भी नहीं पाते. वहीं मामले में कोर्ट का फैसला की जानकारी भी तत्काल नहीं मिल पाती. बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भुवनेश शर्मा का कहना है कि वीसी की समस्याओं को देखते हुए न्यायाधीशों को अवगत करा दिया गया है. जिसका निदान करने का उन्हें आश्वासन मिल चुका है. वहीं दूसरी ओर अधीनस्थ अदालतों में फिजिकल और वर्चुअल दोनों माध्यमों से सुनवाई की जा रही है.


