मौनी अमावस्या पर संगम में आस्था का महासागर, शाम 4 बजे तक 4 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

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संवाददाता: अजय पांडे | प्रयागराज
प्रयागराज। माघ मास में चल रहे स्नान पर्वों में सबसे प्रमुख माने जाने वाले मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम नगरी प्रयागराज में आस्था का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार को तड़के से ही श्रद्धालुओं का जनसमूह माघ मेले की ओर बढ़ने लगा और संगम क्षेत्र हर-हर गंगे के जयघोष से गूंज उठा।
मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर 12 बजे तक करीब 3 करोड़ श्रद्धालु संगम में पवित्र स्नान कर चुके थे। स्नान का क्रम दिनभर निरंतर जारी रहा और शाम 4 बजे तक लगभग 4 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं को स्नान में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। श्रद्धालुओं ने अपनी सुविधा के अनुसार विभिन्न स्नान घाटों पर शांतिपूर्ण ढंग से स्नान किया।
भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस व प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। मेला क्षेत्र में जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा और निगरानी लगातार की जाती रही, जिससे स्नान पर्व सकुशल संपन्न हुआ।
संगम स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने संगम तट पर विराजमान बड़े हनुमान जी के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगाए गए भंडारों में श्रद्धालुओं ने प्रसाद भी ग्रहण किया। विशेष रूप से किसान कल्याण संघ द्वारा सेक्टर नंबर–07, अरैल क्षेत्र में आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद लिया।
स्नान व दर्शन के बाद श्रद्धालु अपने-अपने समूहों के साथ सिर पर गठरी और हाथों में झोला लिए आगे की यात्रा पर निकलते दिखे। इस दौरान वे प्रयागराज में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले माघ मेले की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए योगी सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं की चर्चा करते नजर आए।
मौनी अमावस्या के इस महास्नान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि प्रयागराज का माघ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और व्यवस्था का जीवंत उदाहरण है।

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