नसीराबाद में खुलेआम चल रहा सट्टे का कारोबार, पुलिस की अनदेखी पर उठे सवाल
नसीराबाद/अजमेर। कभी चोरी-छिपे चलने वाला सट्टा बाजार अब नसीराबाद में खुलेआम संचालित हो रहा है। कानून की ढीली पकड़ और खाईवालों के बढ़ते प्रभाव के चलते यह अवैध धंधा तेजी से फल-फूल रहा है। “ओपन”, “क्लोज” और “रनिंग” के नाम से चर्चित इस खेल में अब सब कुछ खुलेआम हो रहा है, जिससे यह प्रतीत होता है कि प्रमुख खाईवालों को कानून का कोई भय नहीं है।
शहरभर में खुलेआम चल रहा सट्टा कारोबार
नसीराबाद सिटी थाना क्षेत्र में इस खेल का बढ़ता प्रभाव आसानी से देखा जा सकता है। दिन-रात युवा इस अवैध कारोबार में उलझते जा रहे हैं। प्रमुख खाईवालों के एजेंट शहर के विभिन्न चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और गली-मोहल्लों में खुलेआम सट्टे की पर्चियां काटते नजर आ रहे हैं। खासकर, नई सब्जी मंडी, एसबीबीजे बैंक, बस स्टैंड, सिटी पेट्रोल पंप, रामलीला चौक, हनुमान चौक जैसे इलाकों में यह धंधा जोरों पर है।
मोबाइल से भी हो रहा है अवैध कारोबार
सिर्फ पर्चियों तक ही सीमित नहीं, बल्कि मोबाइल के माध्यम से भी यह अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। सूत्रों की मानें तो शहर के कई आवासों में सट्टे का हिसाब-किताब रखा जा रहा है, जिससे पुलिस की नजरों से बचा जा सके। साथ ही, कुछ लोग “अचूक” और अन्य नामों से साप्ताहिक व मासिक सट्टा चार्ट भी बेच रहे हैं, जिनकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
युवाओं को बनाया जा रहा है शिकार
इस धंधे में गरीब और बेरोजगार युवाओं को मोटे कमीशन का लालच देकर शामिल किया जा रहा है। शुरुआत में यह युवा एजेंट बनकर काम करते हैं, लेकिन बाद में अपराध की ओर बढ़ जाते हैं। शिकायतें मिलने पर पुलिस कभी-कभार कार्रवाई करती भी है, लेकिन अक्सर छोटे स्तर के लोगों को पकड़कर खानापूर्ति कर ली जाती है, जबकि असली खाईवाल पुलिस की पकड़ से दूर रहते हैं।
पुलिस की अनदेखी पर उठे सवाल
स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने इस बढ़ते अवैध कारोबार पर चिंता जताई है। कई परिवार इस सट्टे की वजह से बर्बाद हो चुके हैं, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर पुलिस इस अवैध धंधे को क्यों अनदेखा कर रही है? क्या खाईवालों को किसी का संरक्षण प्राप्त है?
नसीराबाद में खुलेआम सट्टे के इस खेल से न केवल युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है, बल्कि यह सामाजिक ताने-बाने को भी नुकसान पहुंचा रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पर कोई ठोस कार्रवाई करता है या फिर यूं ही आंख मूंदे बैठा रहता है।

