
मेरठ। चॉकलेट, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक्स, केक, पिज्जा और आइसक्रीम बेशक आपके मुंह में पानी ला देती है और आप इन्हेंं पाने के लिए लालायित हो उठते हैं लेकिन फास्ट फूड आपको किस कदर नुकसान पहुंचाता है, कैसे मोटापे के दरवाजे पर पहुंचाता है, शायद आप नहीं जानते। इन चीजों से दोस्ती तीसरी लहर के लिए घातक होगी। माता-पिता जंक फूड न खाने के लिए बोलते हैं तो वो मुंह फुला लेते हैं और अपनी जिद मनवाने की कोशिश करते हैं।
टीवी चैनल्स पर आने वाले विज्ञापन नये-नये जंक फूड दिखाते और आपको ललचाते हुए हठ करने पर बाध्य करते हैं। इसे देखते हुए बच्चों व किशोरों में बढ़ते मोटापे और इससे जुड़ी बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए हाल ही में सरकार ने जंक फूड के इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार का यह प्रयास बच्चों व किशोरों को स्वस्थ रखने के लिए उन्हेंं जंक फूड से दूर रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। देश में बच्चों में बढ़ते मोटापे को लेकर चिंता जताई जाती रही है। समझ जाना चाहिए कि सेहत के लिए कितने खतरनाक हैं ये खाने और इनके सेवन से आपको होंगी कितनी मुश्किलें।
जंक फूड की लत है बुरी: सबसे पहले तो यही जानना होगा कि हर वक्त आपका जंक फूड खाने का मन ही क्यों होता है? क्यों आप घर के खाने से मुंह फेर लेते हैं और पिज्जा, बर्गर का नाम आने पर खुशी से उछल पड़ते हैं जबकि सभी जानते हैं कि घर का खाना सेहत के लिए अच्छा है। जब हमने यही बात मनोविज्ञानी डा. भावना से पूछी तो उन्होंने बताया, ‘जंक फूड फ्लेवर्ड होते हैं जो बच्चों को आकर्षित करते हैं। इससे बच्चे खुश हो जाते हैं उन्हें अच्छा महसूस होता है। बच्चों को शाबाशी देने के लिए जंक फूड दिया जाता है तो उसे खाते समय भी उन्हें खुशी मिलती है और वे इसे पसंद करने लगते हैं। कोल्ड ड्रिंक में कैफीन होती है जो थोड़ी एडिक्टिव होती है जिसके कारण बच्चे इन्हें बार-बार लेना चाहते हैं। इससे उन्हें आदत पड़ जाती है। अगर हम बच्चों को स्वस्थ खाने के बारे में बताएं तो वे समझ सकते हैं। बच्चे बड़ों को फॉलो करते हैं तो बड़ों को भी इनसे बचना होगा। घर में जंक फूड की जगह नहीं रहनी चाहिए। बच्चों को स्नैक्स के रूप में पौष्टिक चीजें दी जा सकती हैं।’ अध्ययन बताते हैं कि जंक फूड खाने से मस्तिष्क उसी तरह प्रभावित होता है जैसे नशे की दवाओं का सेवन करने से। जंक फूड जैसे बर्गर, पिज्जा और फ्राइज काफी एडिक्टिव होते हैं। जब भी भूखे होते हैं तो इन्हीं जंक फूड को खाने की तीव्र इच्छा होती है।
दिमाग हो सकता है कमजोर

