डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा के खिलाफ मामला दर्ज: डूंगरपुर में एसडीएम और 22 कर्मचारियों को पंचायत भवन में बंधक बनाने के मामले में कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा समेत 60 ग्रामीणों के खिलाफ राजकार्य में बाधा पहुंचाने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. यह मामला डूंगरपुर तहसीलदार ने सदर थाने में दर्ज कराया है.
विधायक गणेश घोघरा का यह है आरोप
विधायक गणेश घोघरा ने कहा कि प्रशासन गांवों के संग शिविर के तहत गत वर्ष अक्टूबर में सुरपुर गांव के सैकड़ों लोगों ने पट्टों के लिए आवेदन किया था. लेकिन कोरोना के कारण शिविर स्थगित हो गए थे. पंचायत में मंगलवार को लगाए गए फॉलोअप शिविर से ग्रामीणों को बड़ी उम्मीद थी कि उन्हें पट्टे मिल जाएंगे. लेकिन अधिकारी और कर्मचारी उनको दिनभर टालते रहे. बाद में शाम 4 बजे पट्टे देने से मना कर दिया. इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने एसडीएम मणिलाल तिरगर सहित विभिन्न विभागों के 22 कार्मिकों को पंचायत भवन में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया. प्रशासन गांव के बयान के तहत केवल अपने चाटुकार ओं को ही पट्टा वितरण किया जा रहा है वही देखा जाए तो जो वाकई हकदार हैं उन लोगों को इनसे मरहूम रखा जा रहा है इससे आक्रोशित होते हुए हैं विधायक गणेश घोघरा ने निम्न प्रकार के आरोप लगाए तथा साथियों ने कहा कि हमारी सरकार के द्वारा किए जा रहे कार्य उनको विफल करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है जिसके चक्कर में इन लोगों को पट्टा वितरण नहीं किया जा रहा है
पट्टों पर साइन नहीं करने तक बंधक बनाये रखने पर अड़े विधायक
ग्रामीणों ने मामले इसकी सूचना विधायक को दी. इस पर वे मौके पर पहुंचे. विधायक ने पट्टे जारी नहीं करने के मामले में जानकारी ली. इसके बाद विधायक गणेश घोघरा पट्टों पर साइन नहीं करने तक पंचायत भवन का ताला नहीं खोलने पर अड़ गए. विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी सरकार की योजनाओं को फेल करने में लगे हुए हैं.
विधायक गणेश घोघरा पहले भी सरकारी कार्यालयों में धरना दे चुके हैं
करीब 2 घंटे की समझाइश के बाद अधिकारियों और विधायक के बीच सहमति बनी कि 3 दिन बाद गांव में फिर से फॉलोअप शिविर लगाकर ग्रामीणों को पट्टे वितरित कर दिए जाएंगे. इसके बाद पंचायत का ताला खोला गया और एक-एक करके अधिकारी तथा कर्मचारी पंचायत भवन से बाहर निकले. डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा इससे पहले भी दो बार अपनी ही सरकार में अधिकारियों से परेशान होकर सरकारी कार्यालयों के बाहर धरना दे चुके हैं.


