अहमदाबाद/गांधीनगर। गुजरात सरकार ने राज्य में अगले चार साल के लिए इलेक्ट्रिक वाहन नीति की घोषणा कर दी है। इसके तहत गुजरात चार साल तक दोपहिया वाहनों पर 20 हजार रुपये, थ्रीव्हीलर पर 50 हजार और चौपहिया वाहनाें पर 1.5 लाख रुपये की सब्सिडी देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने गांधीनगर में प्रेस कांफ्रेंस कर इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी में दी जाने वाली सब्सिडी की घोषणा की। राज्य सरकार ने दुपहिया वाहनों के लिए 20 हजार रुपये, थ्री व्हीलर के लिए 50 हजार और चौपहिया के लिए 1.5 लाख रुपये की सब्सिडी देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री रूपाणी ने कहा कि गुजरात राज्य में सभी को निवेश का समान अवसर मिलता है। पेट्रोल और डीजल की खपत को कम करने के लिए आज से एक नई नीति शुरू कर रहे हैं। अब अधिकतर लोग इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करें। इलेक्ट्रिक वाहन प्रदूषण को कम करते हैं।
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उन्होंने कहा कि अगले 4 साल तक इस नीति को लागू होने वाला गुजरात पहला राज्य होगा। मुख्यमंत्री रूपाणी ने कहा कि राज्य सरकार ने अन्य राज्यों की तुलना में अधिक उदारता से घोषणा की है। सरकार फिलहाल 1.25 लाख दोपहिया, 75,000 रिक्शा और 25,000 कारों से शुरुआत करना चाहती है। प्रति किलोवाट सब्सिडी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि वाहन को चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा और चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए भी सरकार सब्सिडी देगी। इसके लिए अलग-अलग होटल पर चार्जिंग के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। अभी राज्य में 250 चार्जिंग स्टेशन स्वीकृत किए गए हैं और भविष्य में 250 चार्जिंग स्टेशन और बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों को बढ़ावा दिया जाएगा |
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उल्लेखनीय है कि सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन पर जोर दे रही है। इससे पेट्रोल, डीजल की खपत कम होगी। सरकार की इस नीति से 6 लाख कार्बन उत्सर्जन को रोका जा सकेगा। गुजरात में मारुति के साथ तीन जापानी कंपनियां भी इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन शुरू करेंगी



