करौली न्यूज़ डेस्क, करौली कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने बुधवार को राजकीय जिला अस्पताल का निरीक्षण कर उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीजों को दिये जा रहे उपचार की जानकारी ली. इसके बाद चिकित्सा अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।अस्पताल में स्टाफ की कमी बताए जाने पर उन्होंने 20 सीएचओ नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं. बताया कि उल्टी-दस्त के मरीजों के बेहतर इलाज के लिए दो वार्ड मेडिकल के लिए और दो वार्ड शिशु वार्ड के लिए अलग से बनाए गए हैं. सीएमएचओ डॉ. दिनेश चंद मीणा को निर्देशित किया कि घर-घर सर्वे करने वाली मेडिकल टीम को नियमित रूप से घर-घर जाकर दवा देने पर रोक लगाई जाए. कलेक्टर ने बताया कि जलदाय विभाग द्वारा उल्टी-दस्त से प्रभावित बस्तियों में टंकी से पेयजल आपूर्ति बंद कर दी गयी है और 5 टैंकरों से लगातार पानी उपलब्ध कराया जा रहा है.
दूषित पानी से 12 वर्षीय बालक सहित दो लोगों की मौत पर कलेक्टर ने कहा कि मृतकों के पोस्टमार्टम की कार्रवाई नहीं की गयी. फिर भी उनकी ओर से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा. कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने चिकित्सा पदाधिकारी को बीमारों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने के निर्देश दिये. कलेक्टर ने जल आपूर्ति विभाग के इंजीनियरों से पुराना कचहरी क्षेत्र में अवैध नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जानकारी ली.

