मनोनीत पार्षद के ऊपर कराई गई एफ आई आर दर्ज
बताया जा रहा है कि एक बालिका रोजाना बच्चे आना-जाना का कार्य करती थी बांसवाड़ा के अंदर वह मेकअप आर्टिस्ट का काम सीख रही है लेकिन इसी बीच असामाजिक तत्व एवं दरिंदों की नजर उस बालिका के ऊपर पड़ी उस बालिका का वह रोज पीछा करने लगा तथा पीछा करते-करते वह उसके घर तक जा पहुंचा जिससे पीड़िता ने आज बांसवाड़ा सिटी कोतवाली के अंदर नाम दर्ज एफ आई आर दर्ज कराई है तथा f.i.r. में बताया गया है कि मनोनीत पार्षद उसके घर पर जाती थी तो उसका पीछा करता है तथा उसको फोन पर उसे गंदी गंदी बातें बोलता है तथा उसको निम्न प्रकार के प्रलोभन भी उसने दिए हैं वह महिला जब आज सिटी कोतवाली बांसवाड़ा गई तो उसने संपूर्ण विवरण विवरण बताया जिसमें पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 3 व्यक्तियों को उठा कर के लेकर के आए तथा उनसे गहनता से पूछताछ की जा रही है बताया जा रहा है कि पीड़िता बहुत दिनों से यह लोग उनको प्रताड़ित कर रहे थ
यहां तक कि महिला के पीछे या लोग कार से भी इन्होंने पीछा किया rj 033ca 9430 वह मोटरसाइकिल उस बच्ची का पीछा करते रहे आरजे 03 एसएस 3430
अभियुक्त अलग-अलग मोबाइल से फोन करते हैं तथा इंटरनेट के माध्यम से फोन किया जाता है जिससे कि वह फोन लगाने पर वापस उनको फोन नहीं लगता है अभियुक्तों ने उस बालिका को ही नहीं बल्कि बालिका के साथ में रहने वाली साथी से भी बात की और अभद्रता के साथ उसको गाली गलौज की और कहा कि तुम मुझे ऐसे बात करने दो नहीं तो मैं उसको उठाकर के ले जाऊंगा इस प्रकार के धमकी भरे शब्दों का प्रयोग किया गया जिसको लेकर पीड़िता ने आज सिटी कोतवाली बांसवाड़ा के अंदर अपना परिवाद दायर किया जिसमें जांच अधिकारी ने कहा कि शिकायत मिली है और कार्रवाई की जाएगी
वही मनोनीत पार्षद मंसूरी को लेकर के लोग बाग अलग-अलग भ्रांतियां रखते हुए कह रहे हैं कि क्या लोग आए दिन इस प्रकार के कार्य करते हैं तथा ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए
किस आधार पर चुना गया इन्हें मनोनीत पार्षद
सवाल यह है कि मनोनीत पार्षद चुनने का अधिकार राज्य सरकार को है लेकिन राज्य सरकार ने किस आधार पर किस मापदंड को देखते हुए इन्हें मनोनीत पार्षद चुनाव जो कि यह व्यक्ति जनता की सेवा ना करके जनता की बालिकाओं के साथ में अभद्र व्यवहार करता हूं ऐसे व्यक्ति को मनोनीत पार्षद चुना कहां तक जायज है या तो सरकार ही बता सकती है लेकिन लोगों का कहना है कि ऐसे व्यक्ति को पार्षद चुनने का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि जब पार्षद ही महिलाएं बच्चों के साथ में अभद्र व्यवहार करेगा तो वह समाज को क्या सुधरेगा
कांग्रेसी राज्य में नहीं है महिलाएं सुरक्षित
बीजेपी पूर्व में भी ऐसे आरोप लगाती रही है कि कांग्रेस राज में महिलाएं सुरक्षित नहीं है लेकिन अब तो जीता जागता उदाहरण मनोनीत पार्षद द्वारा बालिकाओं को छेड़ने का है जिसको लेकर के बालिका ले आज सिटी कोतवाली के अंदर परिवाद भी दायर कराया है तो यह माना जाए कि वाकई कांग्रेश राज्य के अंदर बालिकाएं सुरक्षित नहीं है यह राजस्थान की जगह जो बीजेपी कह रही है प्रतिष्ठान बन गया है ऐसा माना जा सकता है
क्या मनोनीत पार्षद पर होगी कार्रवाई
अब सवाल यह है कि मनोनीत पार्षद के ऊपर कार्रवाई होगी कि केवल लीपापोती करके इस मामले को भी ठंडे बस्ते के अंदर डाल दिया जाएगा जनता का मानना है कि सरकार इनकी है सरकार के मन में पार्षद है क्या तो इनके ऊपर कार्यवाही ना होकर के इस को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा जनता का मानना है

