सुबह-सुबह गांव की गलियों में उतरे मुख्यमंत्री, चौपाल में सुनी जनता की पीड़ा

pnpandey

शिकायत मिलते ही BCMO एपीओ, मौके पर करोड़ों नहीं लेकिन लाखों की सौगातें
बांसवाड़ा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बांसवाड़ा दौरा गुरुवार सुबह अचानक गांव की गलियों तक पहुंच गया, जब वे चुड़ादा गांव में ग्रामीणों के बीच पहुंचे और पीपल के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री का यह अंदाज़ ग्रामीणों को काफी करीब लगा, जहां चाय पर चर्चा के बीच विकास, पानी, खेती और युवाओं के भविष्य पर खुलकर बात हुई।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि ग्राम विकास चौपाल केवल औपचारिकता नहीं बल्कि समस्याओं के मौके पर समाधान का माध्यम बन चुकी है।
शिकायत आई और BCMO पर तुरंत गिरी गाज
चौपाल के दौरान कुशलगढ़ के खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गिरिश भाभोर के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत सामने आई। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद चिकित्सा विभाग ने तत्काल प्रभाव से डॉ. गिरिश भाभोर को एपीओ कर दिया। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई।
बच्चों को चॉकलेट, युवाओं को नशे से दूर रहने की सीख
मुख्यमंत्री गांव की गलियों में घूमते हुए मां-बाड़ी केंद्र पहुंचे और बच्चों से मुलाकात की। बच्चों को चॉकलेट बांटी और पढ़-लिखकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। वहीं ग्रामीणों से अपील की कि वे बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें और युवाओं को नशे से दूर रखें।
हीरन नदी पर एनिकट बनाने के निर्देश
ग्रामीणों ने पानी और सिंचाई की समस्या रखी तो मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को हीरन नदी पर एनिकट निर्माण और पेयजल स्रोत विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी का कोई विकल्प नहीं है और हर बूंद बचाना अब जरूरी हो गया है। किसानों से माइक्रो सिंचाई, वर्षाजल संरक्षण, डिग्गी निर्माण और बहुआयामी खेती अपनाने की अपील भी की।
चाय पर चर्चा में खुला विकास का पिटारा
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ चाय पर चर्चा करते हुए कई मांगों को मौके पर ही स्वीकृति दी। ठुम्मठ गांव में मां-बाड़ी केंद्र निर्माण के लिए 16.20 लाख रुपये, ठुम्मठ चौराहे पर सिंगल फेज ट्यूबवेल के लिए 20 लाख रुपये तथा चुड़ादा स्थित मामा बालेश्वर दयाल मंदिर परिसर में इंटरलॉकिंग और सौंदर्यीकरण के लिए 7 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की गई।
इसके अलावा राजकीय विद्यालय में दो नए कक्षा-कक्ष और गांव के पास दूध संकलन केंद्र खोलने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
बीमार बच्चे की पीड़ा सुन बदला तबादला आदेश
दौरे के दौरान रोशनी कलाल ने अपने सेरेब्रल पाल्सी पीड़ित पुत्र की स्थिति बताते हुए पति हेमंत कुमार कलाल के बांसवाड़ा तबादले की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल उन्हें सागवाड़ा से बांसवाड़ा पदस्थापित करने के निर्देश दिए, जिसके बाद अधिकारियों ने तुरंत आदेश भी जारी कर दिए।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने संत मामा बालेश्वर दयाल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा तथा सहकारिता राज्यमंत्री गौतम कुमार दक सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद

Share This Article
Leave a Comment