बाबर के नाम पर मस्जिद की नींव का विरोध तेजअशोकनगर में बीजेपी नेताओं का अनोखा प्रदर्शन, सार्वजनिक शौचालय का नाम रखा ‘बाबर टॉयलेट’

pnpandey


अशोकनगर/मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में निलंबित तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक हुमायूं कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद की नींव रखे जाने के बाद देशभर में इसका विरोध तेज हो गया है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए एक सार्वजनिक शौचालय का नाम ‘बाबर टॉयलेट’ रख दिया है।
इस शौचालय की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
छह दिसंबर को रखी गई मस्जिद की नींव
जानकारी के अनुसार, 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की बरसी के दिन पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडंगा क्षेत्र में टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद की नींव रखी थी। इस घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस ने विधायक को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था।
हालांकि, पार्टी से निष्कासन के बावजूद हुमायूं कबीर ने मस्जिद की नींव रखने का कार्यक्रम आयोजित किया, जिसके बाद देशभर में विभिन्न हिंदू संगठनों द्वारा इसका विरोध शुरू हो गया।
‘बाबर टॉयलेट’ बना चर्चा का विषय
मस्जिद की नींव रखे जाने के विरोध में मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले में भाजपा नेताओं ने प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। यहां नगर परिषद के एक सार्वजनिक शौचालय का नामकरण ‘बाबर शौचालय’ कर दिया गया।
इस शौचालय की दीवारों पर ‘बाबर शौचालय’ लिखे हुए पोस्टर भी चस्पा किए गए हैं। यह शौचालय बाइपास स्थित तुलसी सरोवर पार्क के पास स्थित है। इस घटना के बाद पूरे शहर में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष का बयान
इस पूरे मामले पर भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष बबलू यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा—
“बाबर एक आक्रांता था, जिसने भारत में न केवल हिंदू देवी-देवताओं के मंदिरों को तोड़ा, बल्कि हमारी संस्कृति को भी नष्ट करने का काम किया। ऐसे व्यक्ति के नाम पर मस्जिद बनाना हमारी भावनाओं पर चोट है।”
उन्होंने कहा कि यह विरोध सांकेतिक और ऐतिहासिक अन्याय के खिलाफ जनभावना का प्रदर्शन है।
सोशल मीडिया पर तीखी बहस
‘बाबर टॉयलेट’ का मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस छिड़ गई है।
कई लोग इसे
✅ प्रतीकात्मक विरोध बता रहे हैं,
वहीं कुछ लोग इसे
❌ सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला कदम करार दे रहे हैं।
प्रशासन की नजर
सूत्रों के अनुसार, इस मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है, ताकि किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

Share This Article
Leave a Comment