मोदी के राजेश पायलट को लेकर दिए बयान पर आ गया सचिन का जवाब, कह दी ये बड़ी बात
Sachin Pilot News : पीएम मोदी की ओर से राजेश पायलट को लेकर दिए गए बयान सियासी बढ़ गई है। अब सचिन पायलट ने मोदी की टिप्पणी पर कहा कि ध्यान भटकाने के लिए मोदी ऐसी राजनीति करते हैं। सचिन ने पीएम मोदी के बयान को तथ्य से परे बताया यपुर : पीएम मोदी के राजेश पायलट को लेकर दिए गए बयान पर सियासत में पारा चढ़ गया है। उधर, मोदी के इस बयान के बाद सचिन पायलट ने उन्हें पलटवार जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी केवल लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की राजनीति करते हैं। उन्होंने पीएम मोदी के राजेश पायलट पर की गई टिप्पणी को लेकर तथ्यात्मक रूप से गलत बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का बयान तथ्य से परे है। बता दें कि पीएम मोदी ने भीलवाड़ा की चुनाव सभा में राजेश पायलट को लेकर टिप्पणी की थी। इसमें उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राजेश पायलट को सजा दी और अब उनके बेटे सचिन पायलट को सजा भुगतनी नहीं पड़ रही है।

पायलट ने कहा कांग्रेस से उनका रिश्ता पुराना है
पीएम मोदी की टिप्पणी के बाद सचिन पायलट ने मोदी को करारा जवाब दिया है। इसमें उन्होंने कहा कि उनके पिता इंदिरा गांधी से प्रेरणा लेकर कांग्रेस में शामिल हुए और लंबे समय तक जनता की सेवा की। उन्होंने जीवन भर सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। इस दौरान पायलट ने कहा कि हमारे संबंध तो दर्शकों से गांधी परिवार से हैं। पार्टी के साथ तो दिल के रिश्ते हैं। उन्होंने मोदी को जवाब देते हुए कहा कि मुझे लगता है। इसमें किसी को बहुत ज्यादा बयान देने की जरूरत नहीं है
मेरी पार्टी मेरे भविष्य की चिंता करती है
पायलट ने मोदी की टिप्पणी का करारा जवाब देते हुए मेरे भविष्य के बारे में चिंता करने की उनको कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे अपनी पार्टी और लोगों की चिंता है और मुझे विश्वास है कि वह मेरे भविष्य का अच्छे से ख्याल रखेंगे। बता दें कि मोदी ने कहा था कि सचिन पायलट कांग्रेस की सजा भुगत रहे हैं। इस दौरान पायलट ने आगे कहा कि जहां तक मेरा सवाल है। मुझे बहुत कम उम्र में सांसद बनने का मौका मिला। मैंने कई वर्षों तक केंद्र सरकार और राज्य स्तर पर कई जिम्मेदारियां निभाई है।
सोनिया गांधी राजनीति में सक्रिय नहीं थी
सचिन पायलट ने मोदी की टिप्पणी पर कहा कि मेरे दिवंगत पिता ने 1998 में शरद पवार के साथ मिलकर सीताराम केसरी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा था। लेकिन उस समय सोनिया गांधी राजनीति में सक्रिय नहीं थी। हालांकि इस चुनाव में सीताराम चुनाव जीते और बाद में पवार और मेरे पिता को कार्य समिति में शामिल किया गया।
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Rajasthan Election 2023, राजस्थान में ‘सत्ता का द्वार’ मेवाड़ कहलाता है. आजादी के बाद से अब तक जिस पार्टी ने मेवाड़ में सर्वाधिक सीट हासिल की, उसने प्रदेश में राज किया, लेकिन 2018 में यह मिथक टूटा हुआ नजर आया. इस बार क्या है मेवाड़-वागड़ में सियासी समीकरण, आखिर कहां हो रहा है रोचक मुकाबला, क्या है प्रत्याशियों की स्थिति.. जानते हैं इस स्पेशल रिपोर्ट में…
उदयपुर. प्रदेश की विधानसभा चुनाव में इस बार सबकी निगाहें मेवाड़-वागड़ पर टिकी हुईं हैं, क्योंकि 6 जिलों के 28 विधानसभा सीटों वाले उदयपुर संभाग में इस बार दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है. जहां एक और भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने है तो वहीं दूसरी ओर दोनों ही पार्टियों के कई विधानसभा सीटों पर अपनों ने ही बगावत कर ताल ठोकी है. इतना ही नहीं वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में 2 सीटें जीतकर चौंकाने वाली बीटीपी के इस बार दो भाग हो गए हैं. अब बीटीपी और बाप कांग्रेस भाजपा के लिए गले की फांस बनी है.
मेवाड़ पर भाजपा और कांग्रेस की नजर : राजस्थान में ‘सत्ता का द्वार’ मेवाड़ कहलाता है. आजादी के बाद से अब तक जिस पार्टी ने मेवाड़ में सर्वाधिक सीट हासिल की, उसने प्रदेश पर राज किया, लेकिन 2018 में यह मिथक टूटा हुआ नजर आया. जब कांग्रेस के मुकाबले भाजपा ज्यादा सीटें लेकर आई फिर भी उसकी सरकार न बन पाई. इस बार के सियासी रण में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही मेवाड़ को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. संभाग के कई विधानसभा सीटों पर तो कांग्रेस और भाजपा के बीच दिलचस्प मुकाबला नजर आ रहा है. वहीं, कई सीटों पर दोनों ही पार्टियों के बागियों ने खेल बिगाड़ रखा है. उदयपुर जिले की इन विधानसभा सीटों पर रोचक मुकाबला देखा जा रहा है- वल्लभनगर, उदयपुर शहर, मावली, सलूंबर.
उदयपुर शहर विधानसभा क्षेत्र : पिछले कई दशकों से भाजपा के किले में तब्दील हुई उदयपुर शहर विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प है. उदयपुर से विधायक रहे गुलाबचंद कटारिया के असम के राज्यपाल बनने के बाद भाजपा ने यहां से ताराचंद जैन को मैदान में उतारा है. वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ पर दांव खेला है. हालांकि, इस बार के रण में दोनों ही पार्टियों के नेताओं के बीच अंदर खाने गुटबाजी नजर आ रही है. एक तरफ जहां गौरव वल्लभ का भविष्य दांव पर है तो वहीं दूसरी ओर भाजपा को अपना किला बचाने की चुनौती है.
वल्लभनगर विधानसभा सीट : यहां इस बार त्रिकोणीय मुकाबले ने सियासी सरगर्मियां बढ़ा दी है. कांग्रेस-भाजपा के लिए ये सीट इस बार चुनौती बनकर उभरी है. जनता सेना पार्टी ने वल्लभनगर रण में गरमाहट पैदा की है. एक ओर कांग्रेस ने प्रीति शक्तावत पर दांव लगाया है तो वहीं भाजपा ने आरएलपी छोड़ भाजपा में शामिल हुए उदयलाल डांगी को मैदान में उतारा है. वहीं, जनता सेना ने दीपेंद्र कुवर को मैदान में उतारा है. ऐसे में भाजपा-कांग्रेस के लिए मुश्किलें पैदा हो सकती हैं.
मावली विधानसभा सीट : उदयपुर की मावली विधानसभा सीट पर भी भाजपा और कांग्रेस के लिए सियासी समीकरण बैठाना आसान नजर नहीं आ रहा, क्योंकि यहां इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है. जहां एक ओर कांग्रेस ने पुष्कर डांगी को टिकट देकर मैदान में उतारा है तो वहीं दूसरी ओर भाजपा ने अपने विधायक धर्म नारायण जोशी का टिकट काटते हुए केजी पालीवाल पर दांव लगाया है. वहीं, भाजपा के कुलदीप सिंह ने टिकट नहीं मिलने पर बगावत करते हुए आरएलपी का दामन थामा और दोनों प्रत्याशी के सामने ताल ठोकी है. ऐसे में इस बार मावली में भी मुकाबला बड़ा रोचक नजर आ रहा है.
सलूंबर विधानसभा सीट : यहां कांग्रेस के कद्दावर नेता रघुवीर मीणा मैदान में हैं. दूसरी और भाजपा ने अमृतलाल पर दांव लगाया है. इस बार के रण में रघुवीर मीणा की साख दांव पर लगी हुई है क्योंकि इससे पहले उनकी पत्नी और वो चुनाव हार चुके हैं. ऐसे में यह चुनाव उनके राजनीतिक भविष्य भी तय करेगा. हालांकि, इससे पहले भी रघुवीर मीणा सांसद और विधायक रह चुके हैं. उनके प्रतिद्वंदी अमृतलाल मीणा भी दो बार से विधायक रह चुके हैं. इस विधानसभा सीट पर कई जातियों का महत्वपूर्ण रोल देखने को मिलता है.
राजसमंद जिले के सियासी समीकरण :
नाथद्वारा विधानसभा सीट : यहां इस बार दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है. जहां कांग्रेस ने अपने कद्दावर नेता और विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को फिर से मैदान में उतारा है, वहीं भाजपा ने महाराणा प्रताप के वंशज विश्वराज सिंह मेवाड़ पर दांव लगाया है. दोनों के बीच इस बार दिलचस्प मुकाबला नजर आ रहा है. 2008 के विधानसभा चुनाव में इसी विधानसभा सीट से डॉ. सीपी जोशी एक वोट से चुनाव हार गए थे, जिसके बाद यह सीट सुर्खियों में आई थी. इस बार फिर से इस सीट को लेकर सियासी चर्चाएं देखने को मिल रही हैं.
राजसमंद विधानसभा सीट : यहां से भाजपा ने दिप्ती माहेश्वरी को उतारा है तो कांग्रेस ने नारायण सिंह भाटी को मैदान में उतारा है. भाजपा से टिकट न मिलने से नाराज दिनेश वडाला बगावत करते हुए मैदान में उतरे हैं. हालांकि, इस बार भाजपा को अपने वोटों में सेंध का डर भी सता रहा है. भाजपा को यहां अपनों की ही बगावत से जूझना पड़ रहा है.
डूंगरपुर की इन सीटों पर रोचक मुकाबला :
सागवाड़ा विधानससभा सीट : इस सीट से कुल 11 प्रत्याशी मैदान में हैं, लेकिन यहां त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा. भाजपा ने पूर्व प्रधान शंकर डेचा को, कांग्रेस ने कैलाश कुमार रोत और बीएपी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत को मैदान में उतारा है, जिनके बीच में कड़ा मुकाबला दिख रहा है.
चौरासी विधानसभा सीट : यहां 9 प्रत्याशी हैं, लेकिन यहां भी त्रिकोणीय मुकाबला है. भाजपा के सुशील कटारा, मौजूदा विधायक बीएपी से राजकुमार रोत, कांग्रेस प्रत्याशी ताराचंद भगोरा के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. कांग्रेस से बागी निर्दलीय महेंद्र बरजोड़ कांग्रेस के समीकरण बिगाड़ेंगे. वहीं, बीटीपी के प्रत्याशी रणछोड़ ताबीयाड बीएपी से प्रत्याशी राजकुमार का खेल बिगाड़ने का काम करेंगे.
आसपुर विधानसभा सीट : इस सीट से 6 कैंडिडेट चुनावी मैदान में हैं. भाजपा से मौजूदा विधायक गोपीचंद मीणा, बीएपी के उमेश डामोर और कांग्रेस के प्रत्याशी राकेश रोत के बीच कड़ी टक्कर है.
बांसवाड़ा की इन सीटों पर हैं सबकी निगाहें :
बांसवाड़ा विधानसभा सीट : यहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला है. बीजेपी ने जहां धन सिंह रावत को मैदान में उतारा है, वहीं कांग्रेस से राज्य मंत्री अर्जुन सिंह बामनिया मैदान में हैं.
घाटोल विधानसभा सीट : यहां त्रिकोणीय मुकाबला है. कांग्रेस ने पूर्व संसदीय सचिव नानालाल को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने पूर्व सांसद मान शंकर निनामा पर अपना दांव खेला है. वहीं, तीसरी पार्टी के रूप में भारतीय आदिवासी पार्टी ने यहां से अशोक निनामा को अपना उम्मीदवार बनाया है.
बागीदौरा विधानसभा सीट : यहां सीडब्लूसी मेंबर महेंद्र जीत सिंह मालवीय और भाजपा प्रत्याशी कृष्णा कटारा के बीच सीधा मुकाबला है. फिलहाल दोनों के अपने-अपने दावे हैं. कृष्णा कटारा पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहीं हैं, वहीं भाजपा की ओर से जिले में एकमात्र महिला प्रत्याशी भी हैं.
चित्तौड़गढ़ की इन सीटों पर दिलचस्प मुकाबला :
चित्तौड़गढ़ विधानसभा सीट : भाजपा ने अपने दो बार के विधायक चंद्रभान सिंह का टिकट काटते हुए पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत के दामाद नरपत सिंह राजवी को मैदान में उतारा है तो वहीं कांग्रेस ने सुरेंद्र सिंह जाड़ावत को मैदान में उतारा है. चंद्रभान का टिकट कटने पर उन्होंने भाजपा से बगावत करते हुए चुनावी मैदान में ताल ठोकी है. ऐसे में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी के गढ़ में ही भाजपा को चुनौती मिल रही है.
निंबाहेड़ा विधानसभा सीट : यहां पूर्व और वर्तमान मंत्री आमने-सामने हैं. कांग्रेस सरकार ने मंत्री उदयलाल आंजना तो बीजेपी ने श्रीचंद कृपलानी को चुनावी मैदान में उतारा है. वहीं, बड़ी सादड़ी में बीजेपी के गौतम दक और कांग्रेस के बद्रीलाल जाट मैदान में हैं. बेगूं में बीजेपी के सुरेश धाकड़ और कांग्रेस के राजेंद्र बिधुरी मैदान में हैं. वहीं, कपासन से बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टी से नेताओं ने बगावत कर दी है. यहां से चार प्रत्याशी मैदान में हैं.
प्रतापगढ़ की इन दो सीटों पर हैं मुकाबला :
प्रतापगढ़ विधानसभा सीट : इस सीट से कुल 6 उम्मीदवार मैदान में हैं. भाजपा से हेमंत मीणा, कांग्रेस से रामलाल मीणा व बीएपी से मांगीलाल मीणा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला रहेगा.
धरियावद विधानसभा सीट : इस सीट से कुल 8 उम्मीदवार मैदान में हैं. भाजपा से कन्हैयालाल मीणा, कांग्रेस से नगराज मीणा और बीएपी से थावरचंद मीणा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला रहेगा.
भाजपा की मजबूत जड़ों को नहीं हिला पाई : बता दें कि मेवाड़ के 28 सीटों में से 17 सीटें रिजर्व हैं, जिसमें 16 सीटें अकेले अनुसूचित जनजाति के लिए हैं. वर्ष 2018 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने जीत दर्ज कर भाजपा को सूबे की सत्ता से बेदखल कर दिया, लेकिन उदयपुर संभाग सहित जिले में कांग्रेस भाजपा की मजबूत जड़ों को नहीं हिला पाई. गुलाबचंद कटारिया के नेतृत्व में हुए इस चुनाव में भाजपा ने संभाग की 28 में से 15 सीटों पर कब्जा किया तो वहीं उदयपुर जिले की 8 में से 6 सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की.
सालों से चला आ रहा मिथक टूटा : बीते पांच सालों में उदयपुर जिले के साथ संभाग में राजनीतिक स्थितियों में बदलाव आया है. 28 में से बीजेपी के खाते में 15 सीटें गईं थीं, जबकि कांग्रेस ने 2013 में मिली 2 सीटों की तुलना में सुधार करते हुए 10 सीटों पर कब्जा जमाया था, लेकिन सरकार कांग्रेस ने बनाई और मेवाड़ फतह करने वाले दल का सरकार बनाने का सिलसिला टूट गया. मेवाड़-वागड़ क्षेत्र में कुल 28 सीटें हैं.
उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और डूंगरपुर के जिले इनमें शामिल हैं. इनमें उदयपुर की सबसे अधिक 8 सीटें आती हैं, जबकि चित्तौड़गढ़ और बांसवाड़ा में 5-5, डूंगरपुर और राजसमंद जिले में 4-4 सीटें आती हैं, जबकि प्रतापगढ़ जिले की 2 सीटें भी इसी क्षेत्र में आती हैं. इन 28 सीटों में से उदयपुर और बांसवाड़ा की 5-5 सीटें, डूंगरपुर की 4 सीटें तो प्रतापगढ़ की 2 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए रिजर्व हैं तो चित्तौड़गढ़ जिले की एक सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए रिजर्व की गई हैं.
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दरअसल, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने गुरुवार को अजमेर जिले की पुष्कर विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी नसीम अख्तर के समर्थन में सभा को संबोधित किया। चुनाव प्रचार का अंतिम दिन और अंतिम समय होने के कारण सचिन पायलट भागते हुए मंच पर चढ़े और भाषण देना शुरू किया। 1 मिनट 41 सेकेंड के भाषण में सचिन पायलट ने सबसे पहले जनता से नसीम अख्तर इंसाफ को जिताने की अपील की। उन्होंने कहा कि हाथ का बटन दबाकर विकास करने वाली कांग्रेस सरकार को जीत दिलाएं। ये मेरी अंतिम सभा है, आखिरी समय में नसीम के लिए यहां आया हूं। भाषण समाप्त होने के बाद पायलट खुद कार चलाकर रवाना हो गए।
दरअसल, सचिन पायलट को आज गुरुवार को अजमेर उत्तर और पुष्कर विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करना था। लेकिन, उनके हेलीकॉप्टर को लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली। ऐसे में पायलट ने उत्तर क्षेत्र की जनसभा को स्थगित कर दिया और दो-तीन घंटे बाद आनन फानन में पुष्कर पहुंचे। समय कम होने के कारण वे सिर्फ 1 मिनट 41 सेकेंड ही बोल पाए।
कांग्रेस प्रत्याशी नसीम अख्तर इंसाफ ने कहा कि मुझे खुशी है कि 7 घंटे कार्यकर्ताओं के बैठने के बाद सचिन पायलट यहां पहुंचे और उन्होंने सभा को संबोधित किया। हेलिकॉप्टर लैंड होने की अनुमति नहीं मिलने के बाद भी वे यहां आए। पुष्कर की जनता उनके साथ है और ब्रह्मा जी का आशीर्वाद भी उन पर है।
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सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने किया है। वाराणसी में भारत समाचार से खास बातचीत में ओपी राजभर ने स्वीकार किया कि बृजेश सिंह गाजीपुर से लोकसभा चुनाव लड़ने का प्रयास कर रहे है। सूत्रों के अनुसार गाजीपुर से चुनाव लड़ने को लेकर ओपी राजभर और बृजेश सिंह के बीच कई बार बैठक भी हो चुकी है।
वाराणसी
➡सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर का बयान
➡जल्द मंत्री बनने की तारीख का एलान करेंगे – राजभर
➡तेलंगाना चुनाव के बाद तारीख का एलान करेंगे- राजभर
➡बृजेश सिंह को गाजीपुर से चुनाव लड़ाने का प्रयास- राजभर
➡बृजेश सिंह सुभासपा के सिंबल पर चुनाव लडेंगे – राजभर
➡ईडी और सीबीआई… pic.twitter.com/avC4YIhZ3A
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) November 24, 2023
बृजेश सिंह के राजनीति पर एनडीए करेगा फैसला, सुभासपा देगा साथ
गाजीपुर से बृजेश सिंह के चुनाव लड़ने की चर्चा के बीच सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर ने दावा किया है, कि बृजेश सिंह के गाजीपुर से चुनवा लड़ने का फैसला एनडीए करेगा। ओपी राजभर का कहना है, कि यदि एनडीए गाजीपुर से बृजेश सिंह को चुनाव लड़ाने की हरी झंडी देता है, तो सुभासपा के सिंबल पर बृजेश सिंह चुनाव लडेंगे। एनडीए का मालिक बीजेपी है और जो फैसला होगा उसे हम मानेंगे।
केंद्र की राजनीति में बृजेश सिंह का बढ़ेगा कद, गाजीपुर के रास्ते केंद्र की राजनीति में लेंगे एंट्री
कभी अंसारी बंधुओं का गढ़ कहे जाने वाले गाजीपुर से बृजेश सिंह के लोकसभा चुनाव लड़ने से पूर्वांचल की राजनीति में सपा और बीजेपी के बीच सीधी लड़ाई देखने को मिल सकती है। गाजीपुर और मऊ में जहां एक तरफ अंसारी बंधुओं का बर्चस्व समाप्त हुआ है, तो वही राजनैतिक बर्चस्व को बीजेपी अपने पाले में करने की फिराक में हो सकती है। यही वजह है, कि कभी माफिया के रूप में देखे जाने वाले बृजेश सिंह को बीजेपी अपने सिंबल के बजाए सुभासपा के सिंबल से केंद्र की राजनीति में एंट्री दे सकती है। वहीं केंद्र की राजनीति में एंट्री लेने के साथ बृजेश सिंह का कद भी बढ़ जाएगा।
रिपोर्ट : नीरज

राजेंद्र गुढ़ा ने खुलासा करते हुए बताया, ‘लाल डायरी में लिखा है कि होटल शिव विलास के मालिक के बेटे के विवाह समारोह में सोनिया गांधी के भाई पहुंचे थे। इसी भाई की मुख्यमंत्री गहलोत से मुलाकात फिक्स कराने के लिए सीएम के ओएसडी शशिकांत शर्मा से कहा गया था। आखिर ये भाई कौन था?’ गुढ़ा ने आगे बताया कि वो सोनिया गांधी का भाई नहीं, कोई दलाल था।
‘ओएसडी लोकेश शर्मा बोले- सीएम गहलोत का दोहरा चरित्र’
लाल डायरी में लिखा है, ‘सीएम के ओएसडी लोकेश शर्मा आए, बोले कि 21 जनवरी से आज तक सीएम साहब से मिलने का समय नहीं मिल रहा है। शशिकांत शर्मा ने शायद ऐसा करवा दिया है। मुझे इग्नोर किया जा रहा है। इसलिए मैं बहुत प्रताड़ित महसूस कर रहा हूं। जब ये सीएम नहीं थे तब हम लोगों ने कितनी वफादारी से काम किया है। सत्ता में आकर ये अधिकारियों से घिर गए। देखना कितना बुरा हाल होगा। अब सत्ता वापसी संभव नहीं है। अशोक गहलोत जी का दोहरा चरित्र है।’ राजेंद्र गुढ़ा के मुताबिक, यह लाल डायरी धर्मेंद्र राठौड़ ने लिखी है।
हालांकि सीएम अशोक गहलोत लगातार कह रहे हैं कि लाल डायरी काल्पनिक है और यदि इसमें दम है तो ईडी, इनकम टैक्स की कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
खेल जगत
भारत के अनुभवी बैडमिंटन खिलाड़ी एच एस प्रणय और एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता जोड़ी सात्विक साइराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी गुरुवार को चीन मास्टर्स में अपने-अपने वर्ग के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए।विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता प्रणय ने डेनमार्क के मैग्नस योहानसेन को 21-12, 21-18 से हराया।
पुरुष एकल वर्ग में प्रणय अकेले भारतीय खिलाड़ी बचे हैं। आठवीं वरीयता प्राप्त प्रणय का सामना अब जापान के तीसरी वरीयता प्राप्त कोडाइ नाराओका से होगा। शीर्ष वरीयता प्राप्त चिराग और सात्विक ने भी जापान के अकिरा कोगा और ताइची सेइतो को 21-15, 21-16 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया।अब उनका सामना इंडोनेशिया के लियो रोली कार्नांडो और डेनियल मार्टिन से होगा। प्रणय ने जापानी खिलाड़ी के खिलाफ अच्छी शुरुआत करके पहले गेम में 6-1 की बढ़त बना ली। डेन ने बाद में यह अंतर 8-6 का और 14-11 का कर दिया।इसके बाद प्रणय ने अपने सारे अनुभव का इस्तेमाल करके पहला गेम जीता। दूसरे गेम में मुकाबला बराबरी का रहा और 15 अंक तक दोनों ने जबर्दस्त खेल दिखाया। एक समय पर 18-18 से स्कोर बराबर था लेकिन प्रणय ने आखिरी क्षणों में दबाव बनाकर जीत दर्ज की।
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__चीन मास्टर्स बैडमिंटन : शीर्ष महिला खिलाड़ी एन से-यंग और गिंटिंग एंथोनी सिनिसुका दूसरे दौर में हारे

शेनझेन, 24 नवंबर (हि.स.)। महिला एकल में दुनिया की नंबर 1 दक्षिण कोरिया की एन से-यंग और पुरुष एकल में दूसरी वरीयता प्राप्त इंडोनेशिया के गिंटिंग एंथोनी सिनिसुका गुरुवार को यहां 2023 बीडब्ल्यूएफ चीन मास्टर्स के दूसरे दौर में हारकर बाहर हो गए।
_विश्व चैंपियन एन को चीन के वांग झीयी से सीधे सेटों में 21-12, 21-16 से हार का सामना करना पड़ा।
वहीं, तीसरी वरीयता प्राप्त चीन की चेन युफेई मलेशिया के गोह जिन वेई को 21-9, 21-16 से हराकर क्वार्टर फाइनल में पहुंच गईं।
पुरुष एकल मुकाबले में गिंटिंग को गैर वरीय चीनी ताइपे के लिन चुन-यी ने 21-18, 21-17 से हराया। अगले दौर में लिन का सामना चीनी शटलर झाओ जुनपेंग से होने वाला है, जिन्होंने डेनमार्क के रासमस गेम्के को 21-13, 21-14 से हराया।
जापान के तीसरे वरीयता प्राप्त कोडाई नाराओका को डेनमार्क के एंडर्स एंटोनसेन पर 21-19, 12-21, 21-19 से जीत हासिल करने के लिए 110 मिनट के कठिन मैच का सामना करना पड़ा, जबकि चीन के सातवीं वरीयता प्राप्त शी युकी को फ्रांस के क्रिस्टो पोपोव ने 21-15, 21-19 से हराया।
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गुजरात के मयूर गर्ग ने पहला सब-जूनियर लड़कों का बिलियर्ड्स ताज जीता
चेन्नई, 23 नवंबर (आईएएनएस) गुजरात के मयूर गर्ग ने गुरुवार को यहां नेहरू इंडोर स्टेडियम में 90वीं राष्ट्रीय बिलियर्ड्स और स्नूकर चैंपियनशिप में फाइनल में स्थानीय खिलाड़ी लक्ष्मी नारायणन को 493-302 से हराकर सब-जूनियर लड़कों के बिलियर्ड्स का खिताब जीता।गर्ग ने 49, 44 और 45 के ब्रेक हासिल किए और पिछले साल के सेमीफाइनलिस्ट लक्ष्मी नारायणन के खिलाफ मुकाबले पर नियंत्रण कर लिया।
गर्ग ने कहा, “मैं अपना पहला राष्ट्रीय खिताब जीतकर रोमांचित हूं ।” गर्ग ने सेमीफाइनल में पिछले साल के फाइनलिस्ट कर्नाटक के मयंक कार्तिक को हराया था। उन्होंने कहा, “मैं अब स्नूकर का ताज भी जीतकर इसे दोगुना करने की कोशिश करूंगा।”
लक्ष्मी नारायणन ने अवसर गँवाने पर अफसोस जताया, लेकिन कहा, “फाइनल में जगह बनाना पिछले साल की तुलना में एक सुधार है। मेरा ध्यान अब स्नूकर प्रतियोगिता पर है।”
सब-जूनियर लड़कों का स्नूकर प्रगति पर है, जबकि जूनियर लड़कों के बिलियर्ड्स और स्नूकर स्पर्धाओं का प्रारंभिक दौर गुरुवार को शुरू हुआ।कार्यक्रम के अनुसार, लड़कियों के लिए सब-जूनियर और जूनियर बिलियर्ड्स और स्नूकर 14 से 21 दिसंबर के बीच, पुरुषों और महिलाओं के लिए 6-रेड स्नूकर 30 नवंबर से 7 दिसंबर के बीच, पुरुषों और महिलाओं के लिए सीनियर बिलियर्ड्स और स्नूकर 6 दिसंबर से 22 दिसंबर के बीच और मास्टर्स स्नूकर 21 से 25 दिसंबर के बीच आयोजित किए जाएंगे।
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रिंकू ने अंतिम ओवर में दिलाई रोमांचक जीत, सूर्या और ईशान का अर्धशतक
रिंकू सिंह ने रोमांचक मैच में एक बार फिर अपना जलवा दिखाया. उन्होंने सीए एबॉट की गेंद पर छक्का जड़कर टीम इंडिया को पहले टी20 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2 विकेट से जीत दिलाई. भारत की ओर से कप्तान सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन ने अर्धशतक जड़ा.
इससे पहले जोस इंग्लिश ने शतक जड़कर ऑस्ट्रेलिया को 208 रन के स्काेर तक पहुंचाया था. टीम इंडिया ने 209 रन के लक्ष्य को 19.5 ओवर में हासिल कर लिया. रिंकू सिंह 14 गेंद पर 22 रन बनाकर नाबाद रहे. सूर्यकुमार ने 80 तो ईशान किशन ने 58 रन बनाए.
इससे पहले इंग्लिस ने 110 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली. इसके अलावा स्टीव स्मिथ ने भी 52 रन की अहम पारी खेली. भारतीय पारी की बात करें, तो ऋतुराज गायकवाड़ बिना कोई गेंद खेले रन आउट हो गए. यशस्वी जायसवाल ने 21 रन बनाए. इससे पहले भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है. इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली समेत टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ी टीम का हिस्सा नहीं होंगे, जो वर्ल्ड कप स्क्वाड में शामिल थे.ऑस्ट्रेलिया ने भारत के साथ होने वाली इस टी20 सीरीज के लिए अपनी टीम की घोषणा अक्टूबर में ही कर दी थी. हालांकि, वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम में कुछ बदलाव हो गए हैं. डेविड वॉर्नर, मिचेल मार्श जैसे खिलाड़ियों ने सीरीज से अपना नाम वापस ले लिया. भारत ने इस सीरीज के लिए 20 नवंबर को अपनी टीम की घोषणा की. भारत की इस टीम में वनडे वर्ल्ड कप खेलने वाले 11 खिलाड़ियों को शामिल नहीं किया गया है. इन प्लेयर्स को इस सीरीज से रेस्ट दिया गया है.
जब हम यह जान चुके हैं कि किस-किस खिलाड़ी को रेस्ट दिया गया है तो अब जान लेते हैं कि भारत की कौन सी टीम टी20 सीरीज में उतरने वाली है. भारतीय टीम इस प्रकार है: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), ऋतुराज गायकवाड़ (उप कप्तान), ईशान किशन, यशस्वी जायसवाल, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, आवेश खान, मुकेश कुमार. और श्रेयस अय्यर. श्रेयस सीरीज के पहले 3 मैच नहीं खेलेंगे. इस लिस्ट में रोहित शर्मा, शुभमन गिल, विराट कोहली, केएलराहुल, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, रविचंद्रन अश्विन, शार्दुल ठाकुर शामिल हैं.
भारत-ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग-XI
भारत- ऋतुराज गायकवाड़, यशस्वी जयसवाल, ईशान किशन (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, मुकेश कुमार, प्रसिद्ध कृष्णा.
ऑस्ट्रेलिया- मैथ्यू शॉर्ट, स्टीवन स्मिथ, जोश इंग्लिस, आरोन हार्डी, मार्कस स्टोइनिस, टिम डेविड, मैथ्यू वेड (विकेटकीपर/कप्तान), सीन एबॉट, नाथन एलिस, जेसन बेहरेनडॉर्फ, तनवीर सांघा.
: 42 गेंदें, 9 चौके, 4 गगनचुंबी छक्के… सूर्यकुमार यादव के बल्ले की आगे से बौखला गए कंगारू
विश्व कप फाइनल में मिली हार के बाद सूर्या ने क्रिकेट फैंस के दिलों पर मरहम लगाते हुए धुआंधार पारी खेली। उन्होंने 42 गेंदों में 9 चौके और 4 छक्के जड़ते हुए 80 रनों की पारी खेली। उनकी इस पारी के दम पर ही भारत ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की।
IND vs AUS: 42 गेंदें, 9 चौके, 4 गगनचुंबी छक्के… सूर्यकुमार यादव के बल्ले की आगे से बौखला गए कंगारू
विश्व कप फाइनल में मिली हार के बाद सूर्या ने क्रिकेट फैंस के दिलों पर मरहम लगाते हुए धुआंधार पारी खेली। उन्होंने 42 गेंदों में 9 चौके और 4 छक्के जड़ते हुए 80 रनों की पारी खेली। उनकी इस पारी के दम पर ही भारत ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की
विशाखापत्तनम: विश्व कप 2023 के खिताबी मुकाबले में मिली हार की आग दिलों में अभी ज्वालामुखी होकर जल रही थी कि इधर सूर्यकुमार यादव ने कुछ राहत देने की कोशिश की। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 42 गेंदों में 80 रन और ईशान किशन ने 39 गेंदों में 58 रन बनाए, जिससे भारत ने 5 मैचों की सीरीज के शुरुआती टी20 मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो विकेट से जीत हासिल की। इसके साथ ही उन्होंने अनोखा रिकॉर्ड भी बना डाला। वह कप्तान के तौर पर पहले मैच में जीतने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं।
सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन ने अर्धशतक जमाए, जब रुतुराज गायकवाड़ शून्य पर आउट हुए। यशस्वी जयसवाल 8 गेंदों में 21 रन बनाकर आउट हुए। सूर्या और ईशान ने कुछ शानदार शॉट खेलकर भारत को जीत की ओर अग्रसर किया, लेकिन नाटकीय अंतिम ओवर में भारतीयों को चिंताजनक क्षणों का सामना करना पड़ा, क्योंकि अंतिम छह गेंदों पर सात रन चाहिए थे। रिंकू सिंह ने पहली गेंद पर चौका लगाया और एक रन बाई के रूप में लिया।
जीत पक्की करने के लिए जरूरी दो रन के लिए अक्षर पटेल अगली गेंद पर आउट हो गए और फिर रवि बिश्नोई और अर्शदीप सिंह दूसरी गेंद के लिए लगातार गेंदों पर रन आउट हो गए। आखिरी गेंद पर जीत के लिए एक रन की जरूरत थी, सीन एबॉट ने नो-बॉल फेंकी, जिसे रिंकू ने मैदान से बाहर उड़ा दिया, जिससे मनोरंजक प्रतियोगिता का नाटकीय अंत हुआ। हालांकि, यहां नो बॉलल का साइन आया तो छक्का रिंकू के खाते में नहीं जुड़ा। रिंकू 14 गेंदों में 22 रन बनाकर नाबाद रहे। सूर्यकुमार ने 42 गेंदों में 80 रन की पारी में 9 चौके और 4 छक्के लगाए, जबकि ईशान किशन ने 2 चौके और 4 छक्के लगाए।
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क्राइम कि खबरें
क्या पति ने की मशहूर Youtuber की हत्या? हत्या-आत्महत्या के बीच फंसा पेंच
outuber Malti Chauhan Death: उत्तर प्रदेश की रहने वाली मशहूर यूट्यूबर मालती चौहान की मौत हो गई है। उनका शव घर के अंदर फंदे से लटकता हुआ मिला है। पुलिस ने शव को उताकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच शुरू कर दी है।
पति से हो रही पूछताछ
खबरों के अनुसार मालती चौहान का उनके पति विष्णु चौहान के साथ झगड़ा चल रहा था। ऐसे में पुलिस को उनके पति पर आशंका है। पुलिस विष्णु चौहान को हिरासत में लेकर उनके साथ पूछताछ कर रही है। इस घटना के बाद मालती के फैंस को तगड़ा झटका लगा है। वहीं उनके परिवार में भी मातम का माहौल छाया है। पोस्टमार्टम हाउस में भी लोगों की काफी भीड़ जमा है।
देसी अंदाज से मिली थी पहचान
मालती चौहान काफी समय में वीडियो और रील्स बनाकर मशहूर हो गई थीं। वह अपने पति के साथ यूट्यूब पर वीडियो शेयर करती थीं और इसी से उनको पहचान मिली थी। मालती का देसी अंदाज फैंस के बीच बहुत मशहूर था। मालती भले ही एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखती थीं, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से पहचान बनाई थी।

image credit: social media
पति-पत्नी के बीच हुआ था विवाद
कहा जा रहा है कि मालती और उनके पति के बीच हाल-फिलहाल में खूब विवाद हुआ था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भी जमकर इस बात की चर्चा हुई थी। दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए वीडियो शेयर किया था, लेकिन बाद में दोनों के बीच सुलह हो गई थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मालती के पति से पूछताछ जारी है।
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कार और बोलेरो की आमने-सामने भीषण भिड़ंत में 5 लोगों की दर्दनाक मौत
राजस्थान के चूरू जिले में गुरुवार देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया. कार और बोलेरो की आमने-सामने भीषण भिड़ंत में 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हो गए.
चूरू. राजस्थान के चूरू जिले के सरदारशहर तहसील के गांव भादासर के पास गुरुवार देर रात कार और बोलेरो के बीच भीषण भिड़ंत हो गई. हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों का बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में उपचार चल रहा है.
बारात से लौटते समय हुआ हादसा : थाना अधिकारी मदनलाल बिश्नोई ने बताया कि गांव दुलरासर के ललित पुत्र श्यामलाल पारीक की शादी थी, जिसकी बारात बीकानेर जिले के डूंगरगढ़ तहसील में गई थी. बारात में जाने वाले वापस गांव दुलरासर आ रहे थे. इस दौरान बीकानेर रोड पर भादासर के पास कार और बोलोरो गाड़ी की जबरदस्त भिड़त हो गई. हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. घायल 6 लोगों को एंबुलेंस की सहायता से राजकीय अस्पताल पहुंचाया गयां, जहां पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बीकानेर रेफर कर दिया. यहां पर इलाज के दौरान दो और लोगों की मौत हो गई.
इनकी हुई मौत, ये हुए घायल : हादसे में दुलारासर गांव निवासी मुरलीधर पारीक पुत्र परसराम पारीक, नोपाराम पारीक पुत्र मालाराम पारीक, मदनलाल पारीक पुत्र हरुराम पारीक, भोम सिंह पुत्र मेजरसिंह और एक यूपी निवासी की मौत हो गई है. घायलों में दुलरासर गांव के मालाराम पुत्र मोहनराम, श्रवण पुत्र दुलाराम और दो उत्तर प्रदेश निवासी शामिल हैं, जिनका इलाज बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल में चल रहा है.
पुलिस ने तीन मृतकों के शवों को सरदारशहर अस्पताल की मोर्चरी में, जबकि दो मृतकों का शव को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया. शुक्रवार को पुलिस ने सरदारशहर के राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखे तीन शवों का पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया है. बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के लिए भी पुलिस रवाना हो चुकी है. वहां पर भी दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा. फिलहाल पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
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Murder In Chapra: छपरा में बेखौफ अपराधियों ने एक युवक की हत्या कर दी है. युवक जब बाइक से कहीं जा रहा था तो पहले उसे टक्कर मारी गई और जब युवक गिर गया तो अपराधियों ने धारदार हथियार से उसपर हमला कर दिया.
छपरा: छपरा में देखो बेखौफ
अपराधियों ने एक बार फिर से बड़ी घटना को अंजाम दिया है. एक युवक की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी गई है. घटना छपरा शहर के भगवान बाजार थाना अंतर्गत पीएन सिंह कॉलेज से आगे हाथी दास मठिया के समीप हुई है.
छपरा में युवक की धारदार हथियार से हत्या: एक युवक के बाइक में टक्कर मारने के बाद धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है. हालांकि पुलिस इसे दुर्घटना मान रही थी, लेकिन परिवार वालों ने हत्या करार देते हुए बताया कि उसके बाइक में टक्कर मारने के बाद उसके सिर और गले पर धारदार हथियार से प्रहार किया गया है. धारदार हथियार से बने जख्म के निशान उसके शरीर पर स्पष्ट दिख रहे हैं.
पुलिसिया जांच जारी: मृतक युवक की पहचान जिले के रिविलगंज थाना अंतर्गत सेंगर टोला निवासी अच्छेलाल राय के 32 वर्षीय पुत्री कुमार अखिलेश राय के रूप में की गई. सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेजा. वहीं इस घटना के बाद परिवार वालों में कोहराम मचा हुआ है.
मृतक के भाई का बयान: मृतक के बड़े भाई उमेश राय ने बताया कि “पूर्व के विवाद में मेरे भाई के बाइक में टक्कर मारी गई और फिर धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की गई है. वहीं उसके सिर पर भी धारदार हथियार से प्रहार किया गया है. बाइक सड़क के दूसरी साइड पर थी और मेरे भाई का शव दूसरी तरफ पड़ा हुआ था.”
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औरंगाबाद में पुलिस ने छापेमारी की थी तो पता चला था कि गया में मिनी गन फैक्ट्री संचालित है. इसके बाद गया पुलिस ने विशेष टीम बनाकर इसका उद्भेदन किया. आगे पढ़ें पूरी खबर.
गया : बिहार के गया में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा हुआ है. गया पुलिस की चली कार्रवाई में कई अर्धनिर्मित हथियार की बरामदगी की गई है. वहीं, बड़े पैमाने पर हथियार बनाने में उपयोग होने वाले उपकरणों की भी बरामदगी हुई है. इस मामले के तार औरंगाबाद से जुड़े हैं. बीते दिन औरंगाबाद में हथियार तस्करों की गिरफ्तारी की गई थी. इनके द्वारा हथियार बनाने का धंधा चलाया जा रहा था. इसके बाद औरंगाबाद पुलिस की कार्रवाई में गया में भी इसके तार जुड़े होने की बात सामने आई थी.
SSP के निर्देश पर हुआ भंडाफोड़ : निशानदेही के आधार पर गया एसएसपी आशीष भारती के निर्देश पर गया के टिकारी थाना इलाके में हुई छापेमारी में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया गया है. विशेष टीम में टिकारी एसडीपीओ गुलशन कुमार को शामिल किया गया था. पुलिस की विशेष टीम ने निशानदेही के आधार पर मलैया गांव में छापेमारी शुरू की. इस दौरान वहां से मिनी गन फैक्ट्री संचालित करने का खुलासा हुआ है.—-
काफी संख्या में अर्धनिर्मित हथियार और उपकरण बरामद : पुलिस की टीम ने मौके से कई अर्धनिर्मित हथियार की बरामदगी की है. वहीं, काफी संख्या में हथियार बनाने में उपयोग होने वाले उपकरणों की भी बरामदगी की है. बताया जा रहा है कि अर्धनिर्मित हथियार देसी एसएलआर आदि हैं, जिसकी बरामदगी हुई है. गया पुलिस इसे बड़ी सफलता मान रही है. वहीं, ये हथियार किसे सप्लाई किए जाते थे, इस संबंध में पुलिस पता कर रही है. पुलिस के अनुसार मिनी गन फैक्ट्री के संचालक को पहले ही औरंगाबाद में गिरफ्तार किया गया है, जिसका नाम संजय विश्वकर्मा है. वह टिकारी के मलैया गांव का रहने वाला है.
”गया जिले के टिकारी थाना अंतर्गत मलैया गांव में हुई छापेमारी में कई अर्धनिर्मित हथियार बरामद किए गए हैं. वहीं हथियार बनाने में प्रयोग होने वाले उपकरणों की काफी संख्या में बासमदगी की गई है. पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है.”– आशीष भारती, एसएसपी, गया
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