स्पष्ट नियम काननू न होने से तेजी है फल-फूल रहा है जिस्मफरोशी का कारोबार

pnpandey
स्पष्ट नियम काननू न होने से तेजी है फल-फूल रहा है जिस्मफरोशी का कारोबार
– आयुर्वेदिक विभाग में होता है पंचकर्म थेरेपी सेंटर का रजिस्ट्रेशन
बांसवाडा मसाज और स्पा सेंटर के लिए स्पष्ट नियम-कानून न होने से जिस्मफरोशी का गंदा कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है जबकि पुलिस से बचने के लिए इसमें लिप्त मसाज और स्पा सेंटर का लाइसेंस होने का दावा करते हैं। वहीं आयुर्वेद विभाग केवल पंचकर्म थेरेपी के लिए सेंटर खोलने का लाइसेंस देता है। मसाज सेंटर्स की आड़ में चल रहे इस गंदे कारोबार पर पुलिस की खामोशी भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
केवल पंचकर्म थेरेपी का लाइसे
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक चिकित्सा विभाग के सहायक निर्देशक पीयूष  ने बताया कि हमारा विभाग केवल आयुर्वेदिक थेरेपी के लिए ही लाइसेंस देता है। यह लाइसेंस आयुर्वेद में डिप्लोमा धारक युवतियों के सर्टिफिकेट के आधार पर मिलता है। लाइसेंस का कोई शुल्क नहीं है। केवल ब्यूटी पार्लर खोलने के लिए यह लाइसेंस लेना जरूरी नहीं है। आयुर्वेद विभाग के मुताबिक शहर में केवल 10 से 12 सेंटरों को ही लाइसेंस जारी किए गए हैं।
कहां से आती हैं ग‌र्ल्स
शहर में चलने वाले मसाज और स्पा सेंटर में काम करने वाली युवतियां ज्यादातर दूसरे जिले या प्रदेशों की हैं। इसमें कोलकाता, मद्रास और असोम की लड़कियां काम कर रही हैं। थेरेपी देने को स्पा सेंटरों में नौकरी कर रहीं युवतियों के पास कोई योग्यता संबंधी सर्टिफिकेट नहीं हैं। यहां स्पा सेंटर के नाम पर खुलेआम देह व्यापार चल रहा है। देसी विदेशी पर्यटकों की आमद को देखते हुए ऐसे सेंटर खोलने की होड़ राजधानी में मच गई है। सूत्रों के मुताबिक, इन सेंटरों के बारे में इलाके की पुलिस को पूरी जानकारी रहती है। मगर, वह इन पर हाथ डालने की जरूरत नहीं समझती है।
तीन से पांच हजार में डील
स्पा सेंटरों में तीन से पांच हजार रुपये में फुल मसाज के नाम पर अवैध देह व्यापार किया जा रहा है। काउंटर पर पहुंचते ही रुपये जमा करा लिए जाते हैं। इसके बाद केबिन में युवतियों के साथ भेजा जाता है। शहर में अलग-अलग इलाके में चल रहे स्पा सेंटर किराए के मकान और बिल्डिंग में संचालित हैं। किराए पर हॉल लेकर केवल चार केबिन बनवाये जाते हैं और देह व्यापार शुरू हो जाता है।
इन नियमों को करना होगा फॉलो
– पुलिस के अनुसार स्पा व मसाज सेंटर के एंट्रेस, एग्जिट व रिसेप्शन प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाएं।
– 30 दिन का डाटा रिकॉर्ड करने को डीवीआर लगाएं।
– सेंटर पर आने वाले ग्राहक का आईडी प्रूफ, मोबाइल नंबर का रिकॉर्ड मेनटेन करना मालिक की जिम्मेदारी होगी।
विदेशी कर्मचारी के पास हो वर्क वीजा
सेंटर पर काम करने वाले सभी स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन कराना जरूरी है। विदेश से आने वाली लड़कियां अगर वहां काम कर रही हैं, तो उनके पास वर्क वीजा होना चाहिए, टूरिस्ट वीजा से काम नहीं चलेगा।
यह है कानून, कितनी है सजा
देह व्यापार की गतिविधियां पर आईपीसी की धारा 3,4,5,6 इममोरल ट्रैफिक प्रिवेंशन एक्ट के तहत कार्रवाई होती है, जिसमें 7 साल तक की सजा होती है। महिला के साथ पकड़े गए पुरुष के खिलाफ भी कार्रवाई होती है।
क्यों बचती है पुलिस कार्रवाई से
जानकारों के अनुसार स्पा सेंटर में कार्रवाई के लिए पुलिस कई कारणों से बचती है। पहला स्पा सेंटर में कई हाई प्रोफाइल कस्टमर होने के साथ वह प्रोफेशनल तरीके से काम करते हैं। कई बार पुलिस को मजबूत एविडेंस नहीं मिल पाते हैं। एविडेंस को कोर्ट में मजूबत साक्ष्य के रूप में प्रूफ नहीं करने के चलते केस स्टैंड नहीं कर पाता है। इसके अलावा सेंटर में काम करने वाले और कस्टमर के बालिग होने के चलते कानूनी कार्रवाई भी नहीं कर पाते हैं।
आयुर्वेद विभाग में पंचकर्म थेरेपी संबंधित इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन होता है। पूरे शहर में केवल एक सेंटर ही रजिस्टर्ड हैं। मसाज व स्पा सेंटर से विभाग का कोई लेना-देना नहीं है। अगर कोई सेंटर रजिस्ट्रेशन का दावा करता है तो उसकी शिकायत विभाग में कर सकते हैं।
सहायक निर्देशक पीयूष पंडया ने बताया की हम किसी प्रकार का कोई लाइसेंस जारी नही करते हैं   बांसवाड़ा में एक ही पंचकर्म का सेंटर है जो चिकित्सा विभाग द्वारा चलाया जाता है
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