दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में चतुर्थ दिवस को कथावाचक सौरव महाराज के मुखारविंद से भगवान श्रीराम जन्म, राम विवाह और श्रीकृष्ण जन्म की कथा का श्रवण पान करवाया गया। कथावाचक महाराज ने बताया कि काम वासनाओं के कारण रावण का वध भगवान श्रीराम द्वारा किया जाना प्रतीकात्मक संकेत है।बृज मथुरा मे शासक क्रूर कंस एवम अन्य दुराचारियों के नाश के लिए भगवान श्री कृष्ण का अवतार ही एक साधन हैं।कथा के मुख्य यजमान धर्म प्रेमी बीआर शेरावत और वंदना शेरावत परिवार ने बताया कि कथा में महाराज द्वारा भागवत के अति गहन रहस्यों को उद्घाटित किया गया है।सैकड़ों धर्म प्रेमियों ने श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान गंगा में डुबकी लगा रहे है।बड़े ही आनंद और आत्मीयता के साथ कथा का श्रवण पान कर रहे हैं। इस दौरान स्थानीय वार्ड पार्षद उषा ठाकुर, कोटा नागरिक सहकारी बैंक की एमडी बिना बेरवा सहित सैकड़ों धर्म प्रेमी मौजूद रहे




