क्या मोदी सरकार क्या मोदी सरकार बंगाल के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को चुप रहने के लिए क्यों कहा कि कुछ मत बोलो सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था सतपाल मलिक ने कहीं भी इस हमले में पाकिस्तान को छूट नहीं दी तहे दिल से और आज तक ऐसी लाइन पर कायम है कि पाकिस्तान कश्मीर में आतंकी हमला करना चाहता था लेकिन इसके साथ-साथ अपनी सरकार को जो सवाल उठाए हैं उसका जवाब तो आना ही चाहिए कि सीआरपीएफ के काफिले के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उस वक्त 5 हेलीकॉप्टर हेलीकॉप्टर दे दिया गया होता तो आतंकी सफल नहीं हो पाते सतपाल मलिक ने कहा है करण थापर को दिया इंटरव्यू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके समर्थकों को पसंद नहीं आएगा लेकिन क्या जवाब आएगा इन दिनों विदेशी अखबारों और चैनलों को लेकर सरकार की नाराजगी साफ दिखती है मगर यह तब उस समय विदेशी चैनल डिस्कवरी में उनके साथ कार्यक्रम हो रहा था इस बात को उनके समर्थक सोशल मीडिया पर धूम मचा रहे थे जैसे प्रधानमंत्री के बाद भी एक और प्रमोशन हो गया है समय की खबर आपको दिखाएंगे कि आतंकी हमले के कई घंटे बाद तक प्रधानमंत्री क्या कर रहे थे अब तक कई सवालों के जवाब नहीं मिले जब कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सतपाल मलिक के दबाव के कारण ठाकुर से कहां है वह कंफर्म बात नहीं है पूर्व राज्यपाल ने कहा कि सीआरपीएफ का काफिला गुजरने वाला था सीआरपीएफ के लिए हेलीकॉप्टर की मांग की गई बड़ा काफिला सड़क से नहीं जाता है मगर गृह मंत्रालय ने इंकार कर दिया जब पूछा कि सत्यपाल क्या हुआ तो हमने कहा हमारी सीआरपीएफ प्रधानमंत्री ने कहा कि तुम चुप रहो सारे शब्द के आगे कहते हैं कि मुझसे कहा डालने की सारी जिम्मेदारी पाकिस्तान की तरफ जाने है तो चुप रही फिर से ध्यान दिला रहा हूं सतपाल मलिक ने पाकिस्तान को बिल्कुल झूठ नहीं कह सकते कि मुझे बिल्कुल याद है और बता रहे थे वहां होता है वहां से निकल के ढाबे से उन्होंने मुझे फोन किया सतपाल क्या हुआ मैंने कहा सर ऐसे ऐसे हुआ मैं तो बहुत दुखी हूं अगर हम हेयरक्राफ्ट दे देते तो यह नहीं होता तो इस पर प्रधानमंत्री उत्तराखंड में शूटिंग कर रहे थे तो सतपाल मलिक ने कहा कि वहां से उन्होंने मुझे फोन किया था तो है और इस बात पर कैसे हो सकता है जहां शूटिंग करा रहे थे वहां नहीं था तब आपने ध्यान नहीं दिया
सतपाल मलिक कहानी नहीं बना रहे हैं
डिस्कवरी चैनल का एंकर जो था उसका फोन कहां रखा हुआ था किस जगह पर था यह सब जांच से पता लगाया जा सकता है अगर सबूत आज तक बचे रहे होंगे तब 14 फरवरी 2019 के दिन पुलवामा में आतंकी हमला हुआ जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए उस समय के अखबारों में सतपाल मलिक इंटरव्यू देखेंगे तो उनकी कुछ बातें आज भी वही हैं पता चलेगा कि सतपाल मलिक कहानी नहीं बना रहे हैं बस जो पहले से कहते आ रहे हैं उसमें नई बाद जोड़ रहे हैं कि प्रधानमंत्री ने उनसे कहा आप चुप रहिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ सारी जिम्मेदारी जानी है तो आप चुप क्यों दोनों लोग एक राज्यपाल को चुप करा रहे थे जम्मू कश्मीर के राज्यपाल को चुप करा रहे क्या इसी वजह से घटना के कुछ महीनों के बाद उनका जम्मू कश्मीर से तबादला कर दिया गया बात यह थी कि सतपाल मलिक गृह मंत्रालय की लापरवाही आ रहे थे कि 5 हेलीकॉप्टर मिल जाते तो जवान शहीद नहीं होते इसलिए अगर आप सतपाल मलिक के पुराने बयानों और करण थापर को दिए इंटरव्यू को एक क्रम में देखेंगे तो पता चलेगा कि मलिक की बातों में बहुत दम है यह सब उस समय के अखबारों में उनके छपे हुए बयानों की तस्वीरें हैं तब भी राज्यपाल थे और उसी की हैसियत से बोल रहे थे उन्होंने कई इंटरव्यू में कहा कि इंटेलिजेंस ने आतंकी हमले की जानकारी दी थी फिर भी सीआरपीएफ के 27 जवानों के काफिले को सड़क मार्ग से ले जाया गया इंटरव्यू में सतपाल मलिक ने कहा कि इतना बड़ा काफिला सड़क मार्ग से नहीं जाता है कई चैनलों पर उनका फूल से इंटरव्यू चला जिसमें बताते हुए आज भी सुने जा सकते हैं कि 300 किलोग्राम विस्फोटक लेकर कोई गाड़ी हाईवे पर आ गई चेकिंग में चूक हो गई हम उसका पता नहीं लगा पाए करंट से भी उन्होंने कहा कि इतना बड़ा काफिला सड़क से नहीं ले आया जाता है जब सड़कों से गुजरते हैं तो आपकी गाड़ी की स्पीड ज्यादा होनी चाहिए थी कब आएगी कामयाब नहीं होती है अगर स्लो चल रहे हैं तब आईडी कामयाब हो जाती है जिस गाड़ी में हमला किया वह बिना किसी की नजर में आए जानकारी के 10-15 दिनों तक जम्मू कश्मीर की सड़कों और गांव में घूम रही थी कई चीजें हैं तो हमारे लेवल पर गड़बड़ हुई हैं यह सतपाल मलिक पुलवामा के हमले के बाद बालाकोट स्ट्राइक होते ही प्रधानमंत्री से सवाल पूछना बंद हो गया सवाल पूछने वालों को गोदी मीडिया गाली देने लगा ।
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