बैंकों और राजीविका के बीच समन्वय से बढ़ेगा महिला समूहों को वित्तीय सहयोग — 95 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
बांसवाड़ा, 10 नवम्बर।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अंतर्गत संचालित राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) द्वारा शनिवार को जिला सभागार, बांसवाड़ा में एक दिवसीय बैंकर्स आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य राजीविका और बैंकों के बीच समन्वय एवं सहयोग को सुदृढ़ करते हुए महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को गति देना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक धनपत सिंह राव ने कहा कि “राजीविका का मकसद केवल आत्मनिर्भरता नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक निर्णय प्रक्रिया में भागीदार बनाना है।” उन्होंने राजीविका की योजनाओं, बैंक लिंकेज प्रक्रिया और ऋण सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।
राजीविका जिला प्रबंधक जतिन जोशी ने बैंकर्स से अपील की कि वे स्वयं सहायता समूहों को ऋण देने में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएँ ताकि गरीब महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें। उन्होंने कहा कि बैंक शाखाओं और राजीविका कर्मियों के बीच बेहतर तालमेल से लंबित ऋण आवेदनों का निस्तारण मिशन मोड में किया जाना चाहिए।
कार्यशाला में महिला समूहों के बैंक लिंकेज, डिजिटल फाइनेंस की आवश्यकता, एफएल-सीआरपी और बी.सी. सखी की भूमिका जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार व्यक्त किए। उपस्थित बैंकर्स से अनुरोध किया गया कि वे राजीविका से जुड़ी महिलाओं को वित्तीय साक्षरता और डिजिटल बैंकिंग से जोड़ने में सक्रिय सहयोग दें।
राज्य महिला निधि की अध्यक्ष श्रीमती चंदा सीसी विमला मंशा एवं कई बैंक सखियों ने अपनी सफलता की कहानियाँ साझा करते हुए बताया कि उन्होंने गाँव स्तर से शुरुआत कर आज बैंकिंग क्षेत्र में कैसे अपनी पहचान बनाई है।
विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधकों ने भी अनुभव साझा किए और महिला समूहों के लिए ऋण प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने के सुझाव दिए।
कार्यशाला में अग्रणी जिला प्रबंधक अरुण जोशी, क्रेडिट लिंकेज मैनेजर जितेन्द्र जी (SBI), चंद्रकांत जी (BOB), राजीविका के BPM महेन्द्र सिंह, निलेश निधि, आशा नरेंद्र जी, वसीम जी, समेत विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक, ऋण अधिकारी, सहायक शाखा प्रबंधक, राजीविका के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी एवं बैंक सखियाँ सहित कुल 95 प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने “आत्मनिर्भर नारी – सशक्त समाज” का संकल्प लिया और महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में संयुक्त प्रयासों का आह्वान किया।
राजीविका की बैंकर्स कार्यशाला में गूंजा महिला सशक्तिकरण का संदेश
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