मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में बांसवाड़ा बना नवाचार का अग्रदूत, वात्सल्य डिजी किट से मिलेगी घर-घर बेहतर जांच सुविधा
जपाइगो संस्था के सहयोग से जिले में शुरू हुई नई पहल, प्रथम चरण में चार ब्लॉकों के चयनित उपकेंद्रों को मिली किट
बांसवाड़ा।
स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बांसवाड़ा जिला एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। यहां मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और सुलभ बनाने के उद्देश्य से वात्सल्य डिजी किट्स का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। इस नवाचार से गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच अब घर-घर संभव हो सकेगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच. एल. ताबियार ने बताया कि इस किट की सहायता से एएनएम घर पर ही गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट आदि की जांच कर सकेंगी। जांच की रिपोर्ट तुरंत डिजिटली दर्ज कर दी जाएगी, जिससे उच्च अधिकारियों द्वारा उसकी तुरंत समीक्षा कर आवश्यक परामर्श या रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
डॉ. दिनेश कुमार भाबोर (आरसीएचओ, बांसवाड़ा) ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जहां संसाधनों की कमी है, वहां यह किट एएनएम के लिए वरदान साबित होगी। इससे मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
जपाइगो संस्था के समन्वयक लोकेश शर्मा ने जानकारी दी कि यह किट सीआईएफएफ संस्थान के सहयोग से दी जा रही है। इसकी मदद से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान समय रहते हो सकेगी, जिससे उन्हें समय पर आवश्यक उपचार दिया जा सकेगा और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में सहायता मिलेगी।
प्रथम चरण में इन उपकेंद्रों को मिली किट:
🔹 ब्लॉक घाटोल : बढ़ाना, कुवानिया
🔹 ब्लॉक सज्जनगढ़ : जालिमपुरा, चतर कुंठा
🔹 ब्लॉक कुशलगढ़ : कोटड़ा रंगा, चूड़ादा, भगतपुरा
🔹 ब्लॉक तलवाड़ा : झरनिया
यह पहल बांसवाड़ा जिले को प्रदेश स्तर पर एक मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और मजबूत कदम है, जिससे महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उनके घर की चौखट पर ही मिल सकेंगी।

