देश भर में आज संविधान के निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 121 वी जयंती मनाई जा रही है 31 मार्च 1990 को मरणोपरांत पुणे सर्वोच्च नागरिक का सम्मान दिया गया भारत रत्न से सम्मानित किया गया उन्होंने ना सिर्फ आजादी एक अहम भूमिका निभाई थी बल्कि संपूर्ण राष्ट्र के लिए एक संविधान निर्माण की भी अहम भूमिका निभाई थी हर साल उनके जयंती को धूमधाम से मनाया जाता अप्रैल अट्ठारह सौ 91 इस साल 121 वी जयंती मनाई जा रही है डॉक्टर भीमराव अंबेडकर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है उन्होंने देश में जाति प्रथा और समाज व्यवस्था को खत्म करने के लिए अहम भूमिका निभाई थी उनका मानना था कि सभी जाति के लोगों एक जैसा अधिकार मिलना चाहिए ताकि एक जैसे आगे चलकर किसी भी प्रकार का भेदभाव ना हो उन्होंने अपने जीवन मैं कई आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया दलित परिवार से आने वाले बीआर अंबेडकर ने अपनी बहुत ही यातनाएं झेली लेकिन कभी किसी कमजोर का साथ उन्होंने नहीं छोड़ा यही वजह है कि आज भी वह लोगों के दिलों में जिंदा हैं उन्हें आज भी उतने ही आदर सम्मान के साथ याद किया जाता है स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री एवं विधि भारतीय संविधान का ऑडिटेक भी कहा जाता है जीवन कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जो डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के विचारों से भारत के आर्थिक कानूनों में कहीं भी बदलाव दिख रहे हैं तो इसका श्रेय डॉ भीमराव अंबेडकर को जाता है कहीं ना कहीं डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के विचार हैं वह कहते थे कि मेरी प्रशंसा और जय जय कार करने से अच्छा है कि मेरे दिखाए हुए मार्ग पर चलो अपने माता पिता की चौथी में संतान थे डॉक्टर भीमराव अंबेडकर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का असली नाम अंबा वेट था धारा 370 के खिलाफ अंबेडकर जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देते थे उसके अनुसार संसद को जम्मू कश्मीर के बारे में रक्षा विदेश मामले और संचार के कानून बनाने का अधिकार था लेकिन किसी अन्य विषय से संबंधित कानूनों को लागू करवाना केंद्र को राज्य सरकार से अनुमति चाहिए थी भाजपा की केंद्र सरकार ने 2019 में राष्ट्रपति के आदेश है जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा छीन ते हुए धारा 370 को हटा दिया

