भीनमाल: महाकुंभ के लिए संत-महंतों का जत्था भक्तों के साथ रवाना
प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेले के लिए भीनमाल शहर से संत-महंतों और भक्तों का बड़ा जत्था शुक्रवार को रवाना हुआ। यह जत्था भीनमाल के स्टेशन रोड स्थित शांतिनाथ टेक्नोलॉजी से शाही अंदाज में विदा हुआ। महंत अमृतनाथ महाराज ने बताया कि महाकुंभ मेले में शाही स्नान कर आस्था के पवित्र संगम का लाभ लिया जाएगा।
संतों की विशेष उपस्थिति
जत्थे में क्षेत्र के प्रतिष्ठित संत-महंत शामिल रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
महंत प्रकाशनाथ महाराज (मठ वणधर)
महंत काशीनाथ महाराज (मठ करड़ा)
महंत अमृतनाथ महाराज (मठ निम्बावास)
1008 महंत रामपुरी महाराज (नूंन)
थानापति सोमगिरी महाराज (मठ पुनासा)
इनके साथ बड़ी संख्या में भक्त भी यात्रा में सम्मिलित हुए।
भक्तों का उत्साह और स्वागत
गजेन्द्र सिंह राणावत, रिड़मल सिंह, शिवनाथ सिंह, हरि सिंह निम्बावास, कृष्ण कुमार देवासी (विशाला), सत्य प्रकाश विश्नोई (ग्राम विकास अधिकारी, पुनासा), किशनाराम विश्नोई (प्रधानाध्यापक, पुनासा), हनुमान राम विश्नोई, आसुराम विश्नोई और अनिल मांजू (सांचौर) जैसे भक्तों ने जत्थे का नेतृत्व किया। इस अवसर पर भक्तों की ओर से संत-महंतों का पुष्पमालाओं और मिठाई से स्वागत किया गया।
10 गाड़ियों का जत्था
इस यात्रा में भीनमाल से 10 गाड़ियों का बड़ा काफिला रवाना हुआ। भक्तों और संतों ने मिलकर महाकुंभ मेले में आस्था और श्रद्धा की अनूठी छवि प्रस्तुत करने का संकल्प लिया।
महाकुंभ की महत्ता
महाकुंभ मेला विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जहां देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु गंगा, यमुना और पवित्र सरस्वती के संगम में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं। महंत अमृतनाथ महाराज ने बताया कि यह यात्रा न केवल धर्म और आस्था को मजबूत करेगी, बल्कि समाज में एकता और सद्भाव का संदेश भी देगी।
भक्तों का उमड़ा जनसैलाब
जत्थे को रवाना करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए। विदाई समारोह में भक्तों ने मंगलकामनाओं के साथ संतों को विदा किया। इस अवसर पर माहौल धार्मिक उत्साह और भक्ति से सराबोर हो गया।

