टीम इंडिया से ज्यादा मैच ‘जीते’, नजर भारत-साउथ अफ्रीका पर

pnpandey

आखिरी गेंद तक चले रोमांचक मैच. चौंकाने वाले उलटफेर भरे नतीजे और कई टीमों को मुश्किल में डालने वाली बारिश. इसमें तीसरा पहलू सबसे अहम साबित होता जा रहा है क्योंकि सेमीफाइनल में क्वालिफाई करने के लिए जोर लगा रही टीमों को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. मौजूदा चैंपियन और मेजबान ऑस्ट्रेलिया का एक मैच शुक्रवार को बारिश के कारण रद्द हो गया. ऐसे में भारतीय फैंस की नजरें इस बात पर है कि टीम इंडिया के अगले मैच में क्या होगा?

मेलबर्न में रविवार 23 अक्टूबर को भारत-पाकिस्तान का मैच हुआ था. इस मैच को लेकर काफी आशंका जताई जा रही थी कि बारिश के कारण ये हाई-प्रोफाइल मैच कहीं धुल न जाए. मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर उस दिन तो मौसम मेहरबान रहा और एक बेहतरीन मैच देखने को मिला, जिसे भारत ने जीता, लेकिन उसके बाद से वहां बारिश ने बाकी टीमों के समीकरण बिगाड़ दिए हैं.

15 साल बाद बारिश बनी रुकावट

शुक्रवार 28 अक्टूबर को मेलबर्न में दो मुकाबले होने थे. पहला मैच आयरलैंड और अफगानिस्तान के बीच था, जबकि दूसरा ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच. मेलबर्न पर बादल इस कदर बरसे कि दोनों ही मैच रद्द हो गए. सिर्फ ये दो ही नहीं, बल्कि इस विश्व कप में मेलबर्न में ये लगातार तीसरा मैच रद्द हुआ है.

सिर्फ इतना ही नहीं, मेलबर्न ऐसा पहला मैदान बन गया है जहां किसी आईसीसी इवेंट में सबसे ज्यादा तीन मैच रद्द हुए हैं. इस विश्व कप में बारिश का असर ये है कि सबसे ज्यादा 2 मैच भारत ने जीते हैं, लेकिन भारत से ज्यादा 4 मैच के नतीजे बारिश ने तय किए हैं.

आंकड़े बताते हैं कि 15 साल के बाद पहली बार कोई टी20 मैच बारिश के कारण रद्द हुआ है. इन 3 मैचों से पहले ऑस्ट्रेलिया में 667 टी20 मैच खेले गए थे और उनमें सिर्फ एक मैच 2007 में रद्द हुआ था.

भारत-साउथ अफ्रीका मैच का अनुमान?

इसने भारतीय फैंस के मन में भी सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या साउथ अफ्रीका के खिलाफ 30 अक्टूबर को होने वाला मैच बारिश से प्रभावित होगा? इसका सीधा जवाब है- नहीं. इसकी एक बड़ी वजह है मुकाबले का स्थान. भारत-साउथ अफ्रीका के बीच रविवार को होने वाला मैच पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के मशहूर शहर पर्थ में खेला जाएगा.पर्थ में इन दिनों मेलबर्न जैसा हाल नहीं है. ऑस्ट्रेलियाई मौसम विभाग का अनुमान है कि 30 अक्टूबर को हल्के बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना महज 20 से 30 फीसदी के बीच है. यानी संभावना कम है और अगर हुई भी तो हल्की-फुल्की.

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