रतपुर में कोरोना संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है. हर दिन दर्जनों लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं. लेकिन मेडिकल कॉलेज भरतपुर की कोरोना जांच लैब में स्टाफ की शॉर्टेज के चलते मरीजों के सैंपल की जांच समय पर नहीं हो पा रही है.
भरतपुर. जिले में हालात ये हैं कि मेडिकल कॉलेज की जांच लैब में करीब 3000 सैंपलों की जांच पेंडिंग हैं. लैब टेक्नीशियन की पोस्ट यहां खाली है. मेडिकल कॉलेज भरतपुर की कोरोना जांच लैब में लैब टेक्नीशियन की उपलब्धता जरूरत से कम है.
लैब में कुछ दिन पहले तक सिर्फ 14 लैब टेक्नीशियन कार्यरत थे. इनमें से अधिकतर अस्थाई लैब टेक्नीशियन थे. जिसके बाद जरूरत पड़ने पर सीएमएचओ ऑफिस की तरफ से 12 और लैब टेक्नीशियन वहां पर भेजे गए. लेकिन हाल ही में सरकार की ओर से लैब टेक्नीशियनों की नियुक्ति की नई सूची जारी की गई. जिसके बाद मेडिकल कॉलेज भरतपुर के 15 अस्थाई लैब टेक्नीशियन इस्तीफा देकर जॉइनिंग के लिए चले गए. जिसके बाद फिर से कोरोना जांच लैब समेत अन्य लैब में लैब टेक्नीशियन की पोस्ट खाली हो गई हैं.

लगभग 3 हजार सैंपल जांच पेंडिंग
हर दिन पेंडिंग रह जाती हैं सैकड़ों सैम्पलों की जांच
कोरोना जांच के लिए यहां करीब 2500 सैंपल रोजाना लिए जा रहे हैं. लेकिन स्टाफ की कमी के चलते हर दिन सभी सैम्पल की जांच नहीं हो पाती. ऐसे में बड़ी संख्या में सैंपल जांच नही हो पाती. हालात ये हैं कि 15 अप्रैल तक जिले के 3029 सैम्पल की जांच पेंडिंग थी. उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ लक्ष्मण सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की लैब के लिए 12 लैब टेक्नीशियन भेजे गए हैं. जल्द ही पेंडेंसी समाप्त करने का प्रयास रहेगा.
लैब टेक्नीशियन की कमजिले में 500 एक्टिव केस
जिले में हर दिन बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ रहे हैं. शनिवार को जिले में एक साथ 91 पॉजिटिव मरीज सामने आए. इसके साथ जिले में

