राजस्थान की राजधानी जयपुर में बीमा के 1.90 करोड़ रुपये हासिल करने के लिए पति ने बेहद खौफनाक साजिश रच डाली. शातिर पति ने अपनी पत्नी को मंदिर भेजा, फिर रास्ते में उसकी हत्या करवा दी.
इसके लिए आरोपी ने बाकयदा हिस्ट्रीशीटर को सुपारी दी थी. ये घटना 5 अक्टूबर को हुई थी, शुरुआती जांच में ये हादसा प्रतीत हुआ. लेकिन पुलिस ने अब चौंकाने वाला खुलासा किया है.
.जयपुर (jaipur) . हरमाड़ा थाना पुलिस (Police) ने पांच अक्टूबर को हुए डबल मर्डर का खुलासा करते हुए एक हिस्ट्रीशीटर सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है. पुलिस (Police) ने इस मामले में साजिश करने वाले पति को भी गिरफ्तार किया हैं.
पत्नी से कहा- बिना किसी को बताए मंदिर जाना होगा
पुलिस के मुताबिक महेश ने शालू से कहा था कि मैंने एक मन्नत मांगी है. इसे पूरा करने के लिए उसे बाइस से लगातार 11 दिन तक बिना किसी को बताए हनुमान मंदिर जाना होगा. उसने यह भी कहा कि एक बार उसकी इच्छा पूरी हो जाने पर वह उसे घर ले आएगा. इस पर वह मोटरसाइकिल से अपने चचेरे भाई के साथ मंदिर जाने लगी.
पुलिस (Police) उपायुक्त जयपुर (jaipur) (पश्चिम) वन्दिता राणा ने बताया कि हरमाड़ा थाना पुलिस (Police) ने पांच अक्टूबर को हुए डबल मर्डर का खुलासा करते हुए आरोपित पति महेश चन्द उर्फ राजू वाटिका कॉलोनी आगरा (Agra) रोड जामडोली, मुकेश राठौड़, सोनू निवासी मालवीय नगर और राकेश कुमार बैरवा निवासी गेटोर रोड मालवीय नगर को गिरफ्तार किया गया हैं.
हिस्ट्रीशीटर को साढ़े 5 लाख दिया था एडवांस
डीसीपी पश्चिम वंदिता राणा ने बताया कि चांद ने 40 साल की अवधि के लिए शालू का बीमा करवाया था. बीमा कंपनी के नियमों के मुताबिक बीमा की राशि नेचुरल डेथ पर 1 करोड़ रुपये और दुर्घटना में मौत होने पर 1.90 करोड़ रुपये मिलनी थी. इसके लिए आरोपी महेश चंद ने शालू की हत्या का प्लान बनाया. इसके लिए उसने हिस्ट्रीशीटर मुकेश सिंह राठौर को सुपारी दी थी. पुलिस ने बताया कि मुकेश सिंह राठौर ने इस काम के लिए 10 लाख रुपये की मांग की थी. जबकि आरोपी महेशचंद ने उसे 5.5 लाख रुपये एडवांस के तौर पर दिए थे.
इस संबंध में सुभाष चौक निवासी विष्णु कुमार ने थाने में मामला दर्ज करवाया था कि 5 अक्टूबर को मुरलीपुरा में रहने वाला भांजा राजू और भतीजी शालू बाइक से सामोद हनुमानजी जा रहे थे. जहां हरमाड़ा घाटी पर पीछे से आ रही कार ने पीछे से टक्कर मार दी. इस हादसे में शालू की मौके पर मौत हो गई, जबकि राजू की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी. इधर पुलिस (Police) को मुखबिर से सूचना मिली कि मृतका शालू का दो करोड़ रुपए का बीमा अभी करवाया गया हैं. इसके पीछेहत्या (Murder) की गहरी साजिश हो सकती है. मृतका शालू की शादी वर्ष 2015 में आरोपित महेश चन्द्र के साथ हुई थी और वर्ष 2017 में शालू ने एक बच्ची को जन्म दिया. इसके बाद महेश उसे आए दिन परेशान करने लगा.जिससे वह पीहर में आकर रहने लगी. इस संबंध में दहेज प्रताड़ना का महिला थाना पश्चिम में मामला भी दर्ज करवाया गया था. पुलिस (Police) ने महेश चन्द के खिलाफ चालान पेश किया था, उसके बाद ही शालू के परिवार वालों से महेश से अनबन चल रही थी. महेश शालू को लेकर नहीं जा रहा था. आरोपित महेश ने पत्नी का बीमा करवाकर उसकीहत्या (Murder) कर दुर्घटना में तब्दील कर क्लेम उठाने की सोची. इसके लिए उसने वर्ष 2022 में शालू से नजदीकी बढ़ानी शुरु कर दी. फोन पर बात करने लगा. अप्रेल में भी उसके घर आ गया और बताया कि थोड़े टाइम बाद ले जाएगा. मृतका को बहला कर मई 2022 में उसका बीमा करवा दिया. आरोपित महेश चन्द ने मृतका को पूरी बात नहीं बताई.
बीमा में 12 साल तक किस्त जमा करानी थी, जिसकी एक किस्त जमा करवा दी थी. बीमा में चालीस साल में यदि बीमीत व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उसके नॉमिनी को एक करोड़ और दुर्घटना में मृत्यु होने पर 1 करोड़ 90 लाख रुपये मिलते हैं. इससे पूर्व मुख्य आरोपित महेश चन्द द्वारा अपनी पत्नि की बीमा की रकम लेने के लिए मालवीय नगर के हिस्ट्रीशीटर मुकेश सिंह राठौड़ से सम्पर्क किया. दस लाख रुपये में घटना को अन्जाम देने की सुपारी दी. जिसके एवज में मुकेश ने 5 लाख 50 हजार रुपए पहले ले लिए. इस काम में मुकेश के साथ सोनू भी था. मुकेश ने अपने साथी महेन्द्र को भी शामिल कर लिया. महेन्द्र को गाड़ी चलाने के लिए अपने साथ कर लिया था. फिर सोनू की अल्टो कार से मुकेश, महेन्द्र, सोनू तथा महेश चन्द ने 4-5 बार शालू को मारने के लिए रैकी की, लेकिन सफल नहीं हो पाए. मुकेश को लगा कि अल्ट्रो द्वारा टक्कर मारने से शालू बच सकती है. इस पर मुकेश ने अपने साथ महेन्द्र,सोनू सिहं एवम प्रमोद को भी अपने साथ शामिल कर राकेश बैरवा से मिलकर सीटू प्लाजा बाबा चौराया मालवीय नगर मे बैठकर घटना को अंजाम देने की योजना बनाई. शालू और उसकी बुआ का लड़का राजू बाइक से आया तो आरोपियों ने टक्कर मार दी. जिसमें शालू की मौके पर मौत हो गई, जबकि राजू की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हुई. पुलिस (Police) ने घटनास्थल के आस पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चौक की और फिर सीसीटीवी फुटेज मे देखने पर पता चला कि खाली सड़क पर मोटरसाईकिल चालक द्वारा अपनी साईड मे मोटरसाईकिल चलाकर जा रहा था. जिसके पीछे से सफारी गाडी ने उसे जोरदार टक्कर मारी. जबकि सड़क खाली थी. मृतका शालू के बीमा पर जांच पडताल किया तो दो करोड़ की पॉलिसी के बारे में जानकारी हुई. पुलिस (Police) द्वारा मृतका शालू की एवंम महेश चन्द की आपस मे जो बातचीत हो रखी थी, उसकी रिकार्डिंग भी सुनी. जिसके बाद पुलिस (Police) ने आरोपित पति महेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसने वारदात को अंजाम देना कबूला

