📰 बांसवाड़ा में स्कूल की बिल्डिंग ढही, फिजिक्स लैब मलबे में – जिला शिक्षा अधिकारी जयदीप पुरोहित की लापरवाही पर गंभीर सवाल
बांसवाड़ा।
महात्मा गांधी स्कूल की जर्जर बिल्डिंग रविवार को अचानक गिर गई। हादसे में स्कूल की फिजिक्स लैब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि घटना के समय बच्चे और शिक्षक मौजूद नहीं थे, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हादसा किसी प्राकृतिक आपदा का नहीं बल्कि विभागीय लापरवाही का परिणाम है। प्रशासन ने लंबे समय से इस भवन की हालत को नजरअंदाज किया। सवाल यह है कि जब राजस्थान के अन्य जिलों में जर्जर स्कूल भवन गिरने की घटनाओं के बाद सरकार ने सर्वे कराने की बात कही थी, तो खंडू कॉलोनी स्थित महात्मा गांधी स्कूल की मरम्मत क्यों नहीं करवाई गई?
इसी बीच अब निशाने पर आ गए हैं जिला शिक्षा अधिकारी जयदीप पुरोहित। आरोप है कि जब से उन्होंने पद संभाला है, उनकी कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। वे खुद अक्सर समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते, और अधीनस्थ कर्मचारी भी उसी ढर्रे पर चल रहे हैं।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि पुरोहित जांच रिपोर्टों को बदलने और प्रभावित करने के लिए वसूली करते हैं। तेजपुर प्रकरण इसका ताजा उदाहरण है, जहां उन्होंने संपर्क पोर्टल पर गलत जानकारी दी और यहां तक कि जिला कलेक्टर को भी भ्रमित करने वाले तथ्य प्रस्तुत किए। आरटीआई कार्यकर्ताओं का कहना है कि विदेश जाने की अनुमति संबंधी प्रश्नों पर भी उन्होंने न केवल गलत जवाब दिया, बल्कि कलेक्टर महोदय तक को गुमराह किया।
अब महात्मा गांधी स्कूल की बिल्डिंग ढहने की घटना ने एक बार फिर पुरोहित की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों और आरटीआई कार्यकर्ताओं का आरोप है कि चाहे तेजपुर का मामला हो या अब स्कूल बिल्डिंग का हादसा, हर जगह पुरोहित ने गलत और भ्रामक रिपोर्ट देकर अपने हित साधे और वसूली की आड़ में सच्चाई को दबाया।
सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन और राज्य सरकार ऐसे अफसर पर आंख मूंदकर भरोसा करते रहेंगे या फिर छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था की साख बचाने के लिए कड़ी कार्रवाई करेंगे?
[रिपोर्ट – खबरें खटाखट, बांसवाड़ा]

