पाली के बांगड़ अस्पताल पर लापरवाही और मरीज की अनदेखी सामने आई है. बांगड़ अस्पताल में एक गंभीर रूप से बीमार महिला को परिजन भर्ती करवाने लाए थे, लेकिन परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में मरीज को किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं दी गई. ऐसे में महिला ने स्ट्रेचर पर ही दम तोड़ दिया.
पाली. राजस्थान में पाली जिला मुख्यालय पर बांगड़ अस्पताल में रविवार को अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही का एक मामला सामने आया. जहां गंभीर रूप से बीमार एक महिला को परिजन अस्पताल लेकर आए थे, लेकिन परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं दी गई. ऐसे में अस्पताल के वार्ड में ले जाने के 10 मिनट बाद महिला की स्ट्रेचर पर ही मौत हो गई.
महिला ने स्ट्रेचर पर ही तोड़ा दम….
जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर 12 बजे मंजू देवी सुथार को उसके परिजन सीने में दर्द और सांस नहीं आने की शिकायत के चलते बांगड़ अस्पताल लेकर आए थे. उसकी हालत काफी नाजुक थी. परिजनों ने ओपीडी में डॉक्टरों को इस बारे में बता दिया था. डॉक्टरों ने उसे भर्ती करने के लिए कह दिया लेकिन उसकी जांच करने के लिए कोई नहीं आया. परिजनों का कहना है कि इसके बाद उसे स्ट्रेचर पर लिटा कर वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा था लेकिन वार्ड में भी कोई डॉक्टर नहीं पहुंचे, ना ही उसके लिए ऑक्सीजन पहुंची. इस दौरान भी परिजन लगातार नर्सिंग स्टाफ से महिला को ऑक्सीजन देने व जांच करवाने की मिन्नतें करते रहे लेकिन देखते ही देखते 10 मिनट बाद महिला का शरीर ठंडा पड़ गया. इस पर परिजन उसे स्ट्रेचर पर वापस ओपीडी में लेकर आए, जहां परिजनों के हंगामे के बाद पहुंचे डॉक्टरों की जांच में उसे मृत घोषित कर दिया.
परिजनों के हंगामे पर डॉक्टर आए…
इस पर परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया और अस्पताल पर लापरवाही और मरीजों की अनदेखी का आरोप लगाया. परिजनों के हंगामे के बाद डॉक्टर मौके पर पहुंचे लेकिन जब तक महिला की मौत हो गई थी. इस दौरान परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर अनदेखी और लापरवाही का आरोप भी लगाया.
स्ट्रेचर भी टूटा हुआ करवाया उपलब्ध…
मृतक महिला के परिजनों का आरोप था कि महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए वह ऑक्सीजन का सिलेंडर उसके साथ ही लेकर आए थे. अस्पताल में आने के बाद उसे स्ट्रेचर पर लेटाया गया और वार्ड में ले जाया गया. अस्पताल की ओर से जो स्टेचर उपलब्ध कराया गया, वह भी टूटा हुआ था. उसका एक पहिया नहीं होने से महिला को वार्ड में ले जाने में भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

