नोएडा में किसानों का धरना: दलित प्रेरणा स्थल पर जबरन पुलिस कार्रवाई, लंबा जाम
नोएडा: दलित प्रेरणा स्थल पर किसानों का आंदोलन सोमवार से चल रहा था, जहां वे अपनी 10 प्रमुख मांगों के समर्थन में धरना दे रहे थे। किसानों की प्रमुख मांगों में अधिग्रहित जमीन पर उचित मुआवजा, सरकार से बातचीत, और अन्य कृषि मुद्दों का समाधान शामिल था। मंगलवार को, पुलिस ने इस धरने पर कार्रवाई करते हुए 160 से अधिक किसानों को गिरफ्तार कर लिया, जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
पुलिस की कार्रवाई और किसानों की गिरफ्तारी
पुलिस ने दलित प्रेरणा स्थल पर भारी फोर्स तैनात की थी। जब किसानों ने धरना जारी रखा, तो पुलिस ने उन्हें जबरन उठाकर गिरफ्तार कर लिया और उन्हें बसों में भरकर लुक्सर जेल भेज दिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। किसान नेताओं में भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा, भारतीय किसान यूनियन (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) के अध्यक्ष पवन खटाना, और अन्य प्रमुख किसान नेता जैसे सुनील फौजी, उदल यादव, सुनील प्रधान, रूपेश वर्मा, और अमन भाटी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस प्रशासन का कहना था कि किसानों ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 का उल्लंघन किया, जिसके चलते उनकी गिरफ्तारी की गई। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में BNS के तहत प्रतिबंध लागू थे, और किसी भी प्रकार के सार्वजनिक प्रदर्शन या रुकावट की अनुमति नहीं थी।
आंदोलन और जाम की स्थिति
किसानों का यह आंदोलन नोएडा और दिल्ली के बीच यातायात को प्रभावित कर रहा था। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के प्रदर्शन के कारण ग्रेटर नोएडा हाइवे पर लंबा जाम लग गया था, जिससे सड़क पर यातायात अवरुद्ध हो गया था। कई घंटे तक यात्री जाम में फंसे रहे, और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरीकेट्स लगाए थे ताकि प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका जा सके।
यह आंदोलन तब और तेज़ हो गया जब पुलिस ने किसानों को दिल्ली जाने से रोक लिया था। सोमवार को किसान, दिल्ली कूच के लिए निकले थे, लेकिन उन्हें गौतमबुद्ध नगर की सीमा पर ही रोक दिया गया। इसके बाद, किसान सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और प्रशासन से बातचीत करने की मांग की। रात के समय किसानों ने धरना स्थल पर रजाई, कंबल और खाने की व्यवस्था की, और जोशीले भाषण देकर अपने साथी किसानों का मनोबल बढ़ाया।
आगामी योजनाएँ
भारतीय किसान यूनियन (BKU) ने मुजफ्फरनगर में आज शाम 4 बजे पंचायत बुलाई है, जिसमें संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत भी शामिल होंगे। इस पंचायत में किसान आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति तय की जाएगी। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का समाधान सात दिनों के भीतर नहीं होता है, तो वे दिल्ली कूच की कोशिश फिर से करेंगे।
किसानों की मांगें
किसानों का मुख्य विरोध प्रदेश सरकार द्वारा अधिग्रहित की गई भूमि पर मुआवजे की कमी को लेकर है। उनका कहना है कि जमीन का उचित मूल्य और मुआवजा नहीं मिलने के कारण वे भारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा, किसान अन्य कृषि संबंधित मुद्दों, जैसे सिंचाई, बिजली की आपूर्ति, और अन्य सरकारी नीतियों का भी विरोध कर रहे हैं।
किसान नेताओं का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तो वे आने वाले दिनों में अपने आंदोलन को और तेज़ करेंगे।

