निजी प्रैक्टिस पर रोक का असर: राजस्थान में मेडिकल प्रशासन में भूचाल एसएमएस मेडिकल कॉलेज के 12 अधीक्षकों ने सामूहिक इस्तीफा सौंपा, डॉक्टरों में दो फाड़

pnpandey


जयपुर।/17/11/2025
राजस्थान सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल और अस्पताल अधीक्षकों की निजी प्रैक्टिस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के फैसले ने प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र में हलचल मचा दी है। आदेश लागू होते ही एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े 12 अस्पतालों के अधीक्षकों ने सामूहिक इस्तीफे देकर सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।
यह पहला मौका है जब राजधानी के इतने बड़े अस्पतालों के प्रशासनिक प्रमुखों ने एक साथ अपने पद छोड़ने की पेशकश की है। हालांकि, दूसरी तरफ सेवारत चिकित्सक संघ ने सरकार के निर्णय को सही ठहराते हुए स्पष्ट कहा है कि यह कदम पूरी तरह मरीजों और मेडिकल शिक्षा के हित में है।
सरकार का बड़ा निर्णय: प्रशासनिक पदों पर सख्ती
सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि—
प्रिंसिपल और अधीक्षक निजी प्रैक्टिस नहीं करेंगे,
वे विभागाध्यक्ष या यूनिट हेड भी नहीं रह सकेंगे,
और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को नए ढांचे के साथ लागू किया जाएगा।
इसी के बाद मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने तीखा विरोध दर्ज कराया।
“वार्ता नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन” — डॉ. धीरज जेफ
टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. धीरज जेफ ने कहा कि अधीक्षकों के इस्तीफे सरकार तक संदेश पहुंचाते हैं।
उन्होंने बताया—
“हम चिकित्सा मंत्री से वार्ता की उम्मीद कर रहे हैं। यदि सकारात्मक समाधान नहीं निकला तो आंदोलन पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।”
सेवारत चिकित्सक संघ ने लिया सरकार का पक्ष
सेवारत चिकित्सक संघ के प्रदेश महासचिव डॉ. दुर्गा शंकर सैनी ने कहा कि—
“15 हजार सरकारी चिकित्सक सरकार के फैसले के समर्थन में हैं।
मेडिकल टीचर्स का यह विरोध अनुचित और हठधर्मी है।
मध्यप्रदेश की तर्ज पर चिकित्सा कैडर का पुनर्गठन आवश्यक है।”
डॉ. विजय कपूर: ‘यह कदम मेडिकल एजुकेशन के लिए महत्वपूर्ण’
प्राइवेट हॉस्पिटल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. विजय कपूर ने भी इस फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि इससे
मेडिकल छात्रों को अधिक समय मिलेगा,
अस्पताल प्रशासन मजबूत होगा,
और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध होगी।
प्रिंसिपल के पास पहुंचे सभी अधीक्षक, इस्तीफे सौंपे
सोमवार को एसएमएस के अधीक्षकों ने एक-एक कर मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी से मुलाकात की और अपने लिखित इस्तीफे सौंपे।
इस्तीफा देने वालों में प्रमुख नाम—
एसएमएस के अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी
जेके लोन के डॉ. आर.एन. सेहरा
महिला चिकित्सालय की डॉ. आशा वर्मा
सेठी कॉलोनी सैटेलाइट हॉस्पिटल के डॉ. गोवर्धन मीणा
गणगौरी हॉस्पिटल के डॉ. लिनेश्वर हर्षवर्धन
स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के डॉ. संदीप जसूजा
जनाना व टीबी हॉस्पिटल के अधीक्षक
सुपर स्पेशियलिटी और बनीपार्क सैटेलाइट अस्पताल के प्रभारी
आदि शामिल हैं।
इसके बाद सभी अधीक्षकों ने चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। मंत्री ने मंगलवार को बैठक बुलाई है और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया है।

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