अल्पसंख्यकों पर बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ सौंपा ज्ञापन

pnpandey
अल्पसंख्यकों पर बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ सौंपा ज्ञापन
अजमेर (बिजयनगर)। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों, जिनमें हिंदू, जैन, सिख आदि शामिल हैं, पर हो रहे अत्याचार और इस्कॉन मंदिर के पुजारी की गिरफ्तारी की घटनाओं के विरोध में स्थानीय संगठनों ने ज्ञापन सौंपा।
स्व. श्रीरामचंद्र भंवरलाल जांगिड़ चैरिटेबल ट्रस्ट के नेतृत्व में यह ज्ञापन राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम बिजयनगर तहसीलदार को सौंपा गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के प्रमुख महावीर प्रसाद जांगिड़, सांवरलाल लोहार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
ज्ञापन में क्या कहा गया?
ज्ञापन में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा पर चिंता जताई गई। इसमें हिंदू, जैन, सिख समुदायों के साथ हो रहे अन्याय और धार्मिक स्थलों पर हमले की घटनाओं की कड़ी निंदा की गई। इस्कॉन मंदिर के पुजारी की गिरफ्तारी को धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताते हुए, भारत सरकार से इस विषय पर ठोस कदम उठाने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाने की मांग की गई।
समाज का रोष और मांग
महावीर प्रसाद जांगिड़ ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ हो रही घटनाएं न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी खतरनाक हैं। उन्होंने भारत सरकार से बांग्लादेश सरकार पर दबाव डालने की अपील की ताकि वहां रहने वाले अल्पसंख्यक समुदायों को सुरक्षा मिल सके।
सांवरलाल लोहार ने कहा कि भारत में विभिन्न समुदाय शांति से रहते हैं और यही संदेश पड़ोसी देशों को भी देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों को भी इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए।
ज्ञापन सौंपने का उद्देश्य
ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य बांग्लादेश में हो रही घटनाओं के प्रति जागरूकता फैलाना और संबंधित मुद्दों पर भारत सरकार को ठोस कार्रवाई के लिए प्रेरित करना है।
उपस्थित गणमान्य
ज्ञापन सौंपने के दौरान स्व. श्रीरामचंद्र भंवरलाल जांगिड़ चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्य, स्थानीय समाजसेवी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
यह ज्ञापन बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ स्थानीय समुदाय की एकजुटता और जागरूकता का प्रतीक है।
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