आज देश को मिलेगा नया उपराष्ट्रपति,
मार्गेट अल्वा व जगदीप धनखड़ के बीच उपराष्ट्रपति को लेकर के हे मुकाबला
अस्सी वर्षीय अल्वा कांग्रेस की वरिष्ठ नेता हैं और वह राजस्थान के राज्यपाल के रूप में भी काम कर चुकी हैं. धनखड़ 71 वर्ष के हैं और वह राजस्थान के प्रभावशाली जाट समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. उनकी पृष्ठभूमि समाजवादी रही है. संसद भवन में मतदान सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक होगा. इसके तुरंत बाद मतों की गिनती की जाएगी और देर शाम तक निर्वाचन अधिकारी द्वारा देश के नए उपराष्ट्रपति के नाम की घोषणा कर दी जाएगी.
उपराष्ट्रपति के रूप में एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है और नए उपराष्ट्रपति 11 अगस्त को शपथ लेंगे. लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य उपराष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचक मंडल में शामिल होते हैं. इसमें मनोनीत सदस्य भी मतदान करने के पात्र होते हैं. संसद में सदस्यों की मौजूदा संख्या 788 है, जिनमें से केवल भाजपा के 394 सांसद हैं. जीत के लिए 390 से अधिक मतों की आवश्यकता होती है.
धनखड़ जीते तो बनेगा गजब का संयोग
धनखड़ यदि उपराष्ट्रपति चुने जाते हैं, तो यह एक इत्तेफाक ही होगा कि लोकसभा के अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति एक ही राज्य के होंगे. वर्तमान में ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष हैं और वह राजस्थान के कोटा संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति भी होते हैं.
कौन- कौन लोग लेते हैं चुनाव में हिस्सा?
जिस तरह से राष्ट्रपति पद के चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसद अपने मतदाधिकारी का प्रयोग करते हैं उसी तरह इसमें भी दोनों सदन के सांसद हिस्सा लेते हैं. यहां पर गौर करने वाली बात ये हैं कि उपराष्ट्रपति चुनाव में विधान मंडल के सदस्य हिस्सा नहीं लेते हैं. वहीं राष्ट्रपति चुनाव में मनोनीत सांसद चुनाव में हिस्सा नहीं लेते हैं जबकि उप राष्ट्रपति चुनाव में सभी मनोनीत सासंद हिस्सा लेते हैं. उपराष्ट्रपति के चुनाव के दौरान कुल 788 वोट डाले जा सकते है.


