खिलाड़ियों के चयन को लेकर के असमंजस की स्थिति
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खिलाड़ियों के चयन को लेकर के सरकार द्वारा आदेशित किया गया है कि शिक्षा विभाग शिक्षा विभाग स्थानीय प्रशासन स्वायत शासन विभाग उच्च शिक्षा अधिकारी प्रतियोगिता का आयोजन नगर निकाय वह जिला राज्य स्तर पर की जाएगी इस प्रकार के आदेश दिए गए थे लेकिन सबसे बड़ा इस बात का है कि किन बच्चों का चयन किया जाए और किसका चयन नहीं किया जाए। इस बात को लेकर जब हमने जाना तो पता चला कि केवल सरकार को खुश करने के लिए आंकड़े जुटाने के लिए एवं आंकड़ों के मार्फत से हम अपनी वाहवाही बटोरने का कार्य कर रही है ।
बालक एवं बालिका ने सबसे अधिकरजिस्ट्रेशन
सबसे अधिक वार्ड नंबर 10 के अंदर कल शाम 3:00 बजे तक 570 लोगों ने आवेदन किया था वही वर्ड नंबर 26 के अंदर 430 लोगों ने किया था जिसमें अलग-अलग कैटेगरी के बालक वह बालिका ल को लेकर के 400 इसमें से 254 और 176 बालक एवं बालिका ने रजिस्ट्रेशन कराया गया है देखा जाए तो ऊपर के टॉप 3 वार्डों में देखा जाए तो वार्ड नंबर 10 वार्ड नंबर 26 और वार्ड नंबर 24 को सर्वाधिक खिलाड़ियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है दिक्कत यह है कि रजिस्ट्रेशन कराया गया है कि जानबूझकर किया गया है क्योंकि जो आंकड़े मांगे गए हैं जो दिखाया गया है दर्शाया गया है उस हिसाब से 36600 बांसवाड़ा जिले के अंदर पर्याप्त इतना बड़ा कोई स्टेडियम नहीं है जहां पर इन खिलाड़ियों को बिठाया जा सके तो सीधा सीधा दिखता है कि यह आंकड़े केवल सरकार को खुश करने के लिए किए जा रहे हैं वही आपको खेल सूची के बाद बता दे दो सबसे बड़ा पेज फसता हुआ ये नजर आ रहा है। कि जिन सात खेलों का चयन किया गया है कबड्डी में बालक एवं बालिका, वर्ग टेबल टेनिस क्रिकेट बालक एवं बालिका वर्ग, वॉलीबॉल बालक बालिका वर्ग एथलीट्स 100 मीटर 200 मीटर 400 मीटर बालक बालिका वर्ग, फुटबॉल बालक बालिका वर्ग बास्केटबॉल बालक एवं बालिका वर्ग तो फिर खो खो के अंदर भेदभाव क्यों रखा गया है जहां पर केवल बालिकाओं को ही अनुमति दी गई है बालक को नहीं दी गई है बालकों को नहीं है जबकि अभी हाल ही में अभी हाल ही में गुरु गोविंद जनजाति विश्वविद्यालय द्वारा पश्चिमी खो खो का आयोजन किया गया था उसके बावजूद भी बालक वर्ग को यहां ना रख कर के उनके साथ में अन्याय हो रहा है या तो यह मान लिया जाए कि बांसवाड़ा के अंदर खो-खो के नाम पर जो पूर्व में विश्वविद्यालय द्वारा मैच आयोजन कराए गए वह महज खानापूर्ति थी क्योंकि जब विश्वविद्यालय स्तर की टीम बांसवाड़ा जिले के अंदर विद्यमान है और बांसवाड़ा प्रशासन भली-भांति ज्ञात है तो बालक वर्ग को खो-खो के अंदर ना रखना ये एक सोचनीय विषय है
सबसे बड़ी बात यह है कि वार्ड पार्षद सभापति को खुश करने में लगे हैं और शिक्षा विभाग के अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी को खुश करने में लगे हुए हैं इसीलिए बढ़-चढ़कर के आंकड़े बताए जा रहे हैं जो की जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है यह आपको 26 तारीख को आपके सामने यह परिदृश्य दिख जाएगा कि जहां इतने बच्चों का चयन करना बताया गया है जमीनी स्तर पर कितने बच्चे आते हैं
शहर ओलंपिक में शामिल हैं 7 खेल
खेल मंत्री ने बताया कि शहरी ओलंपिक के तहत 7 प्रकार के खेलों का आयोजन किया जाएगा. इनमें कबड्डी (बालक एवं बालिका वर्ग), टेनिस बॉल क्रिकेट (बालक एवं बालिका वर्ग), खो-खो (बालिका वर्ग), वॉलीबॉल (बालक एवं बालिका वर्ग), एथलेटिक्स (100 मीटर, 200 मीटर एवं 400 मीटर), फुटबॉल (बालक एवं बालिका वर्ग) एवं बास्केटबॉल (बालक एवं बालिका वर्ग) में आयोजित किए जाएंगे. प्रतियोगिताओं का आयोजन नगर निकाय, जिला एवं राज्य स्तर पर किया जाएगा. इन खेलों में सभी आयु वर्ग के खिलाड़ी भाग ले सकते हैं.
21 जनवरी तक करा सकते थे आवेदन
खेल एवं युवा मामलात विभाग के शासन सचिव नरेश कुमार ठकराल ने बताया कि खेल विभाग, स्वायत्त शासन विभाग, शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग एवं स्थानीय प्रशासन के समन्वय से इन खेलों का आयोजन करवाया जाएगा. खिलाड़ियों का पंजीकरण ऑनलाइन पोर्टल rajolympic.rajasthan.gov.in के माध्यम से 21 जनवरी तक किया जा सकता है. पंजीयन व्यक्तिगत अथवा सामूहिक श्रेणियों में करवाया जा सकता है. प्रत्येक नगर निगम में क्लस्टरों का विभाजन जोनवार होगा, जिसका नियंत्रण अधिकारी उपायुक्त-जोन होगा. सभी नगरीय निकाय खेलों के आयोजन के लिए निकायवार स्थल का चुनाव करेंगे.
Rajasthan Urban Olympic Games: राजस्थान में अगले साल 26 जनवरी (Republic Day 2023) से शुरू होने वाले शहरी ओलंपिक खेलों (Urban Olympics Games) की तैयारियां चरम पर है. ग्रामीण ओलंपिक खेलों (Rural Olympics Games) की सफलता के बाद शहरों में होने वाले खेलों को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पूरी प्लानिंग के साथ इस काम में जुटी है. सरकार की मंशा है कि प्रदेश में बेहतर खेल सुविधाओं से खिलाड़ियों का भविष्य बेहतर बने
.खेल मंत्री किया पोर्टल का शुभारंभ
प्रदेश के खेल एवं युवा मामलात राज्य मंत्री अशोक चांदना (Ashok Chandna) ने शासन सचिवालय में राजीव गांधी शहरी ओलंपिक खेल 2023 के रजिस्ट्रेशन पोर्टल का शुभारंभ किया. अब प्रदेश के शहरी क्षेत्र में रहने वाला कोई भी इच्छुक व्यक्ति खेलों में शामिल होने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकता है. चांदना ने कहा कि राजस्थान ग्रामीण ओलंपिक खेल जैसा अनूठा आयोजन करने के साथ राष्ट्रीय खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने वाला पहला राज्य है, जिसकी चर्चा पूरे देश में है. राजस्थान खेल क्षेत्र में अन्य राज्यों के लिए लगातार एक ‘ट्रेंड सेटर’ के रूप में उभर रहा है.
ग्रामीण ओलंपिक खेलों ने बनाया रिकॉर्ड
राजस्थान खेल राज्य मंत्री अशोक चांदना ने बताया कि राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों की अभूतपूर्व सफलता के बाद शहरों में भी इन खेलों को शुरू किया जा रहा है. ग्रामीण ओलंपिक खेलों में 30 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया, जो वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है. इससे प्रदेश में सामाजिक सद्भाव के साथ खेलों को लेकर सकारात्मक माहौल बना है. लोग खेल के मैदान में उतर रहे हैं जिससे वह हेल्दी लाइफ जी सकेंगे. इससे खेलों की नर्सरी तैयार होगी और इसके भविष्य में बेहतर परिणाम सामने आएंगे. राजस्थान प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मेडल लाएंगे.
240 नगरीय निकायों में हाेंगे खेल
अशोक चांदना ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की घोषणा के अनुसार राजीव गांधी शहरी ओलंपिक खेल 2023 का आयोजन आगामी जनवरी माह में प्रस्तावित है. राज्य के सभी 240 नगरीय निकायों में इन खेलों का आयोजन होगा, जिसमें 10 नगर निगम, 36 नगर परिषद एवं 194 नगर पालिकाएं शामिल हैं. इसके लिए निकायवार कुल 628 क्लस्टर्स का निर्माण किया गया है. नगर निगम एवं नगर परिषद में 2011 की जनगणना के आधार पर प्रति 20 से 25 हजार की आबादी पर एक क्लस्टर बनाया गया है. नगर निगम जयपुर ग्रेटर एवं जयपुर हैरिटेज में जनसंख्या अधिक होने के कारण प्रति 30 से 35 हजार की जनसंख्या पर एक क्लस्टर बनाया गया है. वहीं प्रत्येक नगर पालिका को एक इकाई मानते हुए एक क्लस्टर के रुप में माना है.
ग्रामीण ओलंपिक खेलों ने बनाया रिकॉर्ड
राजस्थान खेल राज्य मंत्री अशोक चांदना ने बताया कि राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों की अभूतपूर्व सफलता के बाद शहरों में भी इन खेलों को शुरू किया जा रहा है. ग्रामीण ओलंपिक खेलों में 30 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया, जो वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है. इससे प्रदेश में सामाजिक सद्भाव के साथ खेलों को लेकर सकारात्मक माहौल बना है. लोग खेल के मैदान में उतर रहे हैं जिससे वह हेल्दी लाइफ जी सकेंगे. इससे खेलों की नर्सरी तैयार होगी और इसके भविष्य में बेहतर परिणाम सामने आएंगे. राजस्थान प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मेडल लाएंगे.
मैडल लाना तो दूर यह वहां तक प्रतिनिधित्व भी नहीं कर पाएंगे
जिस प्रकार से फर्जी आंकड़े लगाए जा रहे हैं और अपने अधिकारियों को खुश किया जा रहा है वाकई देखा जाए तो क्या आप बता सकते हैं कि इस शहर के अंदर इतने खिलाड़ी अचानक से कहां से पैदा हो गए और जिन्होंने आज तक कभी ग्रामीण स्तर एवं जिला स्तर पर अपनी प्रतिभा का जौहर नहीं बनवाया वही हमारे खेल राज्य मंत्री अशोक चांदना कहते हैं कि यह मैडल लाएंगे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के अंदर मान्यवर इस प्रकार से केवल कागजों तक ही मेडल सीमित रह सकते हैं जमीनी स्तर पर यह मेडल से कोसों दूर हैं बांसवाड़ा के लोगों को मेडल लाने का मतलब है और आपका सोचने का मतलब है कि हथेली पर दिल्ली दिखाना क्योंकि बांसवाड़ा में केवल जो आंकड़े पर दिखाए जा रहे हैं वह महज एक बनावटी आंकड़े है जो जमीनी स्तर पर इसका कोई महत्व नहीं है यदि मेरी बात में कोई संशय है तो आप अपनी आंखों से 26 तारीख को जो भी है शहरी ओलंपिक प्रारंभ होगा तो आप खुद देख लीजिएगा और अपने अधिकारियों से तथा वार्ड पार्षदों से वार्ड प्रभारियों से पूछेगा कि किस आधार पर इनका चयन किया गया था नाम लिखा गया था हकीकत आपके सामने होगी


