🟥 वादाखिलाफी और तुगलकी फरमानों के खिलाफ फूटा अध्यापकों का गुस्सा
📍 पिंजौर | खबरें खटाखट संवाददाता – प्रीति धारा
📅 29 जुलाई 2025
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और स्कूल टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (खंड पिंजौर) से जुड़े सैकड़ों अध्यापक सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती सीमा रानी से मिले और अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन की अध्यक्षता खंड प्रधान आनंद जैन ने की और मंच संचालन खंड सचिव अश्विनी कुमार ने किया। इस अवसर पर जिला सचिव विजयपाल व जिला प्रेस प्रवक्ता भूप सिंह वर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे।
🔶 सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जिला सचिव विजयपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की आड़ में सरकार सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश कर रही है। मई माह में गठित विद्यालय प्रबंधन समितियों (SMC) को जुलाई में बिना किसी ठोस कारण के रद्द कर देना, सरकार की अस्थिर नीतियों को दर्शाता है। इससे न केवल प्राथमिक विद्यालयों की पहचान धूमिल हो रही है, बल्कि हजारों स्कूलों के मर्जर की भूमि तैयार की जा रही है।
🔶 ACP में भी सरकार का दोहरा रवैया
खंड प्रधान आनंद जैन ने आरोप लगाया कि सरकार नियमावली 2012 की आड़ में 50% अंक सीमा के नाम पर अध्यापकों को ACP (वार्षिक करियर प्रगति) का लाभ नहीं दे रही, जबकि नियमों में स्पष्टतः 45% व आरक्षित वर्ग के लिए और भी छूट दी गई है। यह अध्यापकों के साथ खुला अन्याय है।
🔶 प्रदेशव्यापी विरोध की कड़ी
जिला प्रवक्ता भूप सिंह वर्मा ने जानकारी दी कि 21 से 30 जुलाई तक पूरे हरियाणा में खंड स्तर पर ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। इसी क्रम में पिंजौर खंड में 29 जुलाई को प्रदर्शन हुआ जबकि 30 जुलाई को बरवाला खंड में प्रदर्शन किया जाएगा।
🔴 अध्यापकों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
✔ सभी शिक्षकों/कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू हो
✔ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को वापस लिया जाए
✔ मर्जर/विलय और कम नामांकन के बहाने स्कूल बंद करना बंद किया जाए
✔ लंबित पदोन्नति सूचियां व ट्रांसफर ड्राइव तत्काल जारी हो
✔ सभी स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ व समान सुविधा मिले
✔ SMC की पुरानी संरचना बहाल हो
✔ ACP में मनमानी रोककर 2012 से पहले के नियम लागू हों
✔ चिराग व उल्लास योजना समाप्त की जाए
✔ गेस्ट टीचर्स को नियमित किया जाए
✔ हर विषय के लिए शिक्षक व प्राथमिक स्तर पर प्रत्येक सेक्शन के लिए अध्यापक की नियुक्ति हो
✔ खाली पदों पर आरक्षण नीति के अनुसार स्थायी भर्ती हो
✔ शिक्षक माता-पिता का इलाज बिना आय सीमा के हो
✔ शिक्षकों से गैरशैक्षणिक कार्य न लिया जाए
✔ छात्र प्रोत्साहन राशियों में वृद्धि व समय पर भुगतान हो
✔ सभी स्कूलों में सफाईकर्मी, क्लर्क, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अनिवार्य हों
✔ मेडिकल, LTC, एक्स ग्रेसिया व HKRN का बजट समय पर जारी हो
🔶 जिला व राज्य स्तर पर होगा बड़ा आंदोलन
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो जिला स्तर के बाद राज्य स्तर पर व्यापक विरोध शुरू किया जाएगा। 7 सितंबर को शिक्षा मंत्री आवास का घेराव कर राज्य स्तरीय प्रदर्शन की योजना भी घोषित की गई है।
📌 इस अवसर पर आनंद जैन, विजयपाल, भूप सिंह वर्मा, प्रवीण तौमर, हंसराज, प्रवीण कुमार, विजय नैन, मदनलाल सहित कई शिक्षकों की भागीदारी रही।
🖊️ रिपोर्ट: प्रीति धारा
📡 प्रकाशन: खबरें खटाखट (www.khabreekhtakht.in)

