भवानीमंडी नगर पालिका में सफाई व्यवस्था से जुड़े ठेकों में हो रही अनियमितताओं और घोटालों को उजागर करती है। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु सामने आते हैं:

pnpandey
भवानीमंडी नगर पालिका में सफाई व्यवस्था से जुड़े ठेकों में हो रही अनियमितताओं और घोटालों को उजागर करती है। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु सामने आते हैं:
1. अनियमित ठेका प्रक्रिया:
सालाना 60 लाख रुपये सफाईकर्मियों के मानदेय के नाम पर ठेकेदार को दिए जा रहे हैं।
ठेके का चयन फर्जी ऑफलाइन तरीके से किया गया, जबकि 5 लाख रुपये से अधिक के ठेके के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अनिवार्य है।
2. नियमों की अनदेखी:
श्रम कानून, पीएफ, ईएसआई, और टैक्स से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया गया।
सफाईकर्मियों की उपस्थिति और कामकाज का रिकॉर्ड नहीं रखा गया।
3. सफाईकर्मियों की स्थिति:
नगर पालिका में 130 स्थाई सफाईकर्मी होने के बावजूद प्लेसमेंट एजेंसियों से 80-90 अतिरिक्त सफाईकर्मी नियुक्त किए गए।
अधिकांश सफाईकर्मी कार्यस्थल पर नहीं आते और उनका मानदेय उनके खातों में नहीं डाला जा रहा।
4. ठेके की जिम्मेदार एजेंसियां:
कुलदेवी सिक्योरिटी सर्विस, जयहिंद पूर्व सैनिक बहुउद्देश्यीय सहकारी समिति, खुशी कंस्ट्रक्शन कंपनी, मनीष लेबर सप्लायर्स, और राधे एन्टरप्राइजेज जैसी एजेंसियां ठेका संभाल रही हैं।
यह मामला गंभीर जांच का विषय है, क्योंकि इसमें न केवल स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों की अवहेलना हो रही है, बल्कि सरकारी धन का दुरुपयोग भी हो रहा है। इस पर कार्रवाई और पारदर्शिता लाने के लिए उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है।
Share This Article
Leave a Comment