बिहार में एक गांव ऐसा भी है, जहां एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है. लेकिन यहां की मस्जिद में नियमानुसार पांच वक्त की नमाज अदा की जाती है

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बिहार का वो सेक्यूलर गांव, जहां एक भी मुस्लिम नहीं लेकिन फिर भी  बिहार में एक गांव ऐसा भी है, जहां एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है. लेकिन यहां की मस्जिद में नियमानुसार पांच वक्त की नमाज अदा की जाती है और अजान होती है. 

बिहार का वो सेक्यूलर गांव, जहां एक भी मुस्लिम नहीं लेकिन फिर भी रोज होती है 5 टाइम की नमाज
: Apr 26, 2022, 
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Bihar’s Mari village: देश में इस वक्त लाउडस्पीकर पर अजान का मामला काफी सुर्खियों में है. ऐसे में आपको एक ऐसे गांव के बारे में भी जानना चाहिए जहां कि एक भी मुसलमान नहीं रहता फिर भी मस्जिद से अजान हर रोज होती है. यह जानकर लगभग सभी चौंक जाते हैं कि इस गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है, लेकिन यहां की मस्जिद में नियमानुसार पांच वक्त की नमाज अदा की जाती है और अजान होती है. यह सब कुछ हिंदू समुदाय के लोग करते हैं.

बिहार में मौजूद है सेक्यूलर गांव

नालंदा जिले के बेन प्रखंड के माड़ी गांव में सिर्फ हिन्दू समुदाय के लोग रहते हैं. लेकिन यहां एक मस्जिद भी है. गांव में रहने वाले लोग ही मस्जिद की साफ सफाई करते हैं. इस गांव में रहने वाले लोग खुशी के मौके पर मस्जिद के बाहर मत्था भी टेकते हैं. गांव में रहने वाले लोगों के मुताबिक जो ऐसा नहीं करता है उसपर जरूर कोई मुसीबत आ जाती है.

पहले कभी रहा करते थे मुस्लिम

स्थानीय लोग बताते हैं कि सालों पहले यहां मुस्लिम परिवार रहते थे, लेकिन धीरे-धीरे उनका पलायन हो गया और इस गांव में उनकी मस्ज्दि रह गई. इस मस्जिद का निर्माण कब और किसने कराया, इसे लेकर कोई स्पष्ट प्रमाण तो नहीं है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके पूर्वजों ने जो उन्हें बताया है, उसके मुताबिक यह करीब 200-250 साल पुरानी है. मस्जिद के सामने एक मजार भी है, जिस पर लोग चादरपोशी करते हैं.

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मस्जिद में कौन पढ़ता है अजान?

ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि गांव में जब एक भी मुस्लिम नहीं है तो फिर अजान कौन पढ़ता है. तो आपको बता दें कि स्थानीय लोगों ने इसका भी तोड़ ढूंढ़ लिया है. उन्होंने अजान के शब्दों को रिकॉर्ड करके एक पेन ड्राइव में रखा हुआ है और अजान के समय में इसी रिकोर्डिंग को प्ले कर दिया जाता है.

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