पूरा देश आज 74वां गणतंत्र दिवस हर्ष और उल्लास के साथ मना

pnpandey

पूरा देश आज 74वां गणतंत्र दिवस  हर्ष और उल्लास के साथ मना रहा है. इसी कड़ी में आज बांसवाड़ा के कुशल बाग मैदान में गणतंत्र दिवस के जिला स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमेंमंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया  9:00 बजे ध्वजारोहण कर सलामी दी है.

:बांसवाड़ा पूरा देश आज   74 गणतंत्र दिवस  हर्ष और उल्लास के साथ मना रहा है. इसी कड़ी में आज बांसवाड़ा  प्रातः 9:00 बजे ध्वजारोहण कर सलामी दी है. जिसके साथ पुलिस, एनसीसी, स्काउट, गाईड्स और अन्य शिक्षण संस्थाओं के प्रतिभागियों द्वारा मार्च पास्ट का भी प्रदर्शन किया गया. समारोह के दौरान विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा सामूहिक व्यायाम प्रदर्शन भी किया गया.

  अपनी प्रस्तुतियां दी. बाद में अतिरिक्त जिला कलेक्टर द्वारा राज्यपाल का संदेश पढ़कर सुनाया गया, जिसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए नए आयाम स्थापित करने वाले जिले की 33प्रतिभाओं को जिला कलेक्ट प्रकाश चंद शर्मा व मंत्री महेंद्र सिंह मालिया के द्वारा सम्मानित भी किया गया.

जिला स्तरीय समारोह से पूर्व प्रातः 8:30 बजे वाड़ा बांसवाड़ा जिला कलेक्टर प्रकाश चंद शर्मा ने जिला कलेक्टर कार्यालय पर एवं अपने आवास पर भी द्वारा  में भी झंडारोहण किया गया, 

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हरिदेव जोशी रंगमंच  में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया था, जिसमें विभिन्न स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति के गीतों के साथ आकर्षक प्रस्तुतियां दी गई. जिसमे आदित्य पब्लिक स्कूल

 के छात्र छात्राओं ने मनमोहक प्रस्तुति दी और प्रथम स्थान प्राप्त किया वही किरण गार्डन के बच्चों ने देशभक्ति से ओतप्रोत डांस किया और लोगों की वाहवाही खूब बटोरी

चाटुकारिता यहां पर भी रही भरी

 गणतंत्र दिवस के अवसर पर स्कूलों द्वारा बैंड प्रदर्शनका कार्यक्रम रखा गया था जिसके अंतर्गत विभिन्न विद्यालय के छात्र छत्राओं ने बैंड बाजा करके अपना प्रदर्शन किया था लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि यहां पर भी चाटुकारिता इस कदर सर चढ़कर बोल रही थी कि मानव सारे नियम कायदे कानून थीम बगैरा को ध्यान में ना रखते हुए केवल उनके आंखों पर दत्त  राष्ट्र के पट्टी बंधी हुई थी जिनको केवल जिनको केवल दो ही स्कूल में नजर आ रही थी बाकी स्कूलों के ऊपर उनका कोई ध्यान आकर्षित नहीं था चंद्रपॉल विद्यालय की बालिकाओं ने आकर्षक प्रस्तुति और लोगों का दिल जीत लिया लेकिन लोगों के दिल जीतने से क्या होता है चाटुकारिता तो अधिक हावी थी  इस लिए उनको प्रथम स्थान नही दिया गया इसलिए हम को प्रथम स्थान नहीं दिया गया बल्कि आयोग को सोचना चाहिए था कि जिस विद्यालय से वह आती है वह एक सरकारी विद्यालय है और वहां पर सुविधाओं का अभाव है उसके बावजूद भी इतनी मनमोहक प्रस्तुति देने के बाद भी उनके ड्रेस कोड को देखा जाना चाहिए था उनकी टीम को देखा जाना चाहिए था कि वह बसंत पंचमी क्यों ध्यान में रखते हुए सभी बालिकाएं माथे पर पगड़ी एवं विभिन्न परिधानों के अंदर अपनी प्रस्तुति दे रही थी लेकिन वही न्यू लुक स्कूल के छात्रों ने मैं सफेद रंग की पेंट भूषण पहन कर दे अपनी प्रस्तुति दी देखने वाली बात यह है कि वहां पर बालकों ने प्रस्तुति दी थी और यहां पर बालिकाओं ने प्रस्तुति दी थी दोनों में अंतर बहुत था जमीन आसमान का अंतर था लेकिन यह अंतर आयोजन करता को नहीं नजर आया उनको तो सिर्फ एक बात नजर आई किस तरह से चाटुकारिता करनी है और स्कूलों को प्रथम स्थान देना है

सबसे बड़े दुर्भाग्य की बात है कि जब से लियो इंटरनेशनल स्कूल एवं कॉलेज जब से स्थापित हुआ है तब से आज तक ऐसा कोई सा भी कार्यक्रम नहीं हुआ हुआ जिसके अंदर इस संस्था को इनाम नहीं दिया गया है इसके पीछे क्या मंशा है यह तो ऑडियो को को भली-भांति ज्ञात है किसी भी तरह से इस संस्था को प्रथम तीन स्थान के अंदर जगह देने अनिवार्य मानी गई है इसीलिए इस संस्था के आयोजकों को गर्व रहता है कि हम कुछ करें या ना करें प्रथम 2 के अंदर अपना नाम आ ही जाएगा अब तो लोग बाग भेज आंख बंद करके शर्त लगाते हैं कहते हैं कि इस स्कूल का नाम तो आना ही आना है अब लोग बाकी इस प्रकार की बातें क्यों करते हैं क्या कारण है जो इस प्रकार की बातें अब सार्वजनिक होने लगी है फिर भी प्रशासन आंख बंद करके इस प्रकार के आयोजन करता है और अपनी वाह वाही खूब बटोरता है 

33 प्रतिभाओं का सम्मान किया गया लेकिन सबसे बड़े दुर्भाग्य की बात है कि जीत का नामोनिशान नहीं था इस सम्मान लिस्ट के अंदर उन्होंने जबरदस्ती आ करके जिला कलेक्टर एवं मंत्री महेंद्र जी से मालिया के हाथों अपने आप को जबरदस्ती सम्मानित करवाया यह कोई और नहीं बांसवाड़ा के जाने-माने गो सेवक है जिन्होंने अपने आप ही स्मृति चिन्ह अपने आप लेकर के आए थे और उन्होंने जिला कलेक्टर को दे करके एक फोटो खिंचवा या और अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहे थे यदि उनके अच्छे कार्य होते तो प्रशासनिक अधिकारी उनका नाम पूर्व में ही चयन कर देते इस प्रकार की हरकत करने की कोई जरूरत नहीं पड़ती लेकिन उन्होंने केवल वाह वाही बटोरने के लिए एवं लोगों में अपनी पकड़ दिखाने के लिए इस प्रकार की हरकत की जो कि इन संस्था के अलावा बांसवाड़ा के अंदर और भी गौशाला हैं जो भली भांति कार्य करती हैं लेकिन वह किसी परिचय का मोहताज नहीं है तो फिर इनको ऐसी क्या पड़ी थी कि यह अपने आप इनाम ले कर के आए और अपने आप को ही इन्होंने सम्मानित करवाया यह सोचने और समझने वाली बात है कि इसी नाम से इस फोटो से यह लोगों को कितना भ्रमित करेंगे यह तो आने वाला वक्त बताएगा

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