जनशक्ति पार्टी (लोजपा) में टूट के बाद रामविलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस ने कहा कि उन्होंने पार्टी तोड़ी नहीं बल्कि उसके अस्तित्व को बचाने के लिए मजबूरी में 6 में से 5 सांसदों ने बड़ा फैसला लिया है। पारस ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि रविवार को देर शाम लोजपा के 6 में से 5 सांसदों की बैठक हुई जिसमें उन्हें सर्वसम्मति से संसदीय दल का नेता चुना गया। इसके बाद सभी सांसद रात साढ़े आठ बजे लोकसभा अध्यक्ष से मिले और उन्हें पत्र सौंपकर नए नेता चुने जाने के बारे में जानकारी दी । रामविलास पासवान के छोटे भाई ने कहा कि उन्होंने पार्टी तोड़ी नहीं बल्कि बचाई है । यह पार्टी के अस्तित्व को बचाने के लिए मजबूरी में लिया गया फैसला है । पारस ने एक सवाल के जवाब में कहा कि लोजपा सांसद चिराग पासवान से उन्हें कोई शिकवा शिकायत नहीं है । वह परिवार के सदस्य और उनके भतीजे भी हैं ।
पार्टी से गए लोगों से लोगों से की लौटने की अपील :
नीतीश कुमार अच्छे नेता : पारस
पारस ने एक सवाल के जवाब में कहा कि लोजपा सांसद चिराग पासवान से उन्हें कोई शिकवा शिकायत नहीं है । वह परिवार के सदस्य और उनके भतीजे भी हैं । वह पार्टी में रहे और स्वगीर्य पासवान के सपने को साकार करने के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान जिस तरह से पार्टी को चला रहे थे उससे सब नाराज थे । लोजपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी राजग के साथ थी आगे भी रहेगी और गठबंधन धर्म का पूरी तरह पालन करेगी। उन्होंने कहा कि जहां तक बिहार का सवाल है वह नीतीश कुमार को अच्छा नेता और विकास पुरुष मानते हैं । पारस से जब यह पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी का जनता दल यूनाइटेड(जदयू) में विलय होगा तब उन्होंने कहा कि लोजपा का पूरे देश में संगठन है और बिहार में उसका बहुत मजबूत जनाधार है। इसलिए इसका कोई सवाल ही नहीं उठता है।

