चंद्रभागा नदी के संरक्षण को लेकर उठी आवाज, विकास समिति ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

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चंद्रभागा नदी के संरक्षण को लेकर उठी आवाज, विकास समिति ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

झालावाड़। धार्मिक नगरी झालरापाटन की जीवनरेखा मानी जाने वाली मोक्षदायिनी चंद्रभागा नदी दिनों-दिन प्रदूषण और अतिक्रमण की चपेट में आकर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक यह नदी आज गंदगी, सीवरेज और मृत जानवरों के कारण बदहाल हो गई है। हालात ऐसे हैं कि लोग अब यहां स्नान करने की बजाय किनारा करना ही बेहतर समझ रहे हैं।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए शहर के सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने मिलकर “चंद्रभागा विकास समिति” का गठन किया है। समिति ने नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाए जाने की मांग करते हुए जिलाधिकारी अजय सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में समिति ने चंद्रभागा की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि नदी में लगातार सीवरेज का पानी मिलना, अतिक्रमण होना और साफ-सफाई के अभाव में पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। नदी के किनारों पर बाउंड्री निर्माण, अतिक्रमण हटाने और नियमित सफाई के लिए विशेष बजट स्वीकृत कर कार्य शुरू कराने की मांग की गई है।

समिति का कहना है कि नदी में प्रदूषण के कारण बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हो रही है और जैव विविधता पर भी संकट मंडरा रहा है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह पावन धरोहर सिर्फ किताबों और किस्सों में रह जाएगी।

चंद्रभागा के संरक्षण को लेकर स्थानीय जनता में भी गहरी चिंता देखी जा रही है और समिति ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

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